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नहीं रहीं दुनियां की सबसे महान महिला मुस्लिम आर्किटेक्चर “डेम ज़ाहा हदीद”

मियामी: आर्किटेक्चर डेम ज़ाहा हदीद, जिसके डिज़ाइन में लंदन ओलंपिक एक्वाटिक सेंटर शामिल है, उन का निधन 65 साक की उम्र में हार्ट अटेक आने की वजह से 31 मार्च को हो गया.

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(London Aquatics Centre)

इराक़ में 31 अक्टूबर 1950 को जन्मी ज़ाहा पिछले साल की पहली महिला थी जिसको रॉयल इंस्टिट्यूट ऑफ़ ब्रिटिश आर्किटेक्टस (RIBA) की तरफ से गोल्ड मेडल मिला था. वह दुनियां की पहली मुस्लिम और पहली महिला थी जिसको 2004 में पार्टीज़कर आर्किटेक्चर प्राईज़ मिला. उसकी मौत एक हार्ट अटेक आने की वजह से गुरुवार को मियामी होस्पिटल में हुई, जहां उसकी ब्रोंकाइटिस का इलाज किया जा रहा था. उसकी डिज़ाइन दुनिया भर में मशहूर हिं ,जिसमें होंगकोंग,जर्मनी और अजरबेजान जैसे शहर शामिल है. जहां उन्होंने अवार्ड विनिंग डिज़ाइन की हैं.

फरवरी में गोल्ड मेडल रिसिव करते हुए डेम ज़ाहा ने कहा कि “मुझे फख्र है कि मैं पहली महिला हूं जिसको अपना अधिकार मिला है, हम अधिक महिला आर्किटेक्ट को इस मक़ाम पर देखना चाहते हैं, इसका मतलब यह नही की यह आसान है, कभी कभी चुनौतिया भारी होती हैं. पिछले कुछ सालों से ज़बरदस्त बदलाव आया है और हम इस प्रगति को जारी रखेंगे.

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मैक्सी म्यूजियम का डिज़ाइन तैयार करते हुए ज़ाहा ने कहा था कि वह दरियाओं और झीलों से बहुत आकर्षित हैं. उस म्यूजियम में विभिन्न प्रकार की कांक्रीट की दीवारों को जोड़ा गया है ताकि ऐसे इलाके में जहां ज़लज़ला ज़यादा आते हों बिल्डिंग को बर्बाद होने से बचाया जा सके.

सियासत के संवादाता के अनुसार इराक में जन्मी ज़ाहा हदीद 1970 में इंग्लेंड आई थीं और इस साल 65 की उम्र में उनका निधन हो गया.उन्होंने 2012 में एक्वेटिकस सेंटर डिज़ाइन किया था, और उन्होंने चीनी शहर गोंगज़ाव से लेकर इंग्लैंड के ग्लासगो शहर तक कई अहम इमारतें डिज़ाइन की हैं.

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बीबीसी आर्ट के माहिर का कहना हैं कि डेम ज़ाहा बहुत अच्छी इंसान थीं वह इंग्लैंड ही नहीं बल्कि दुनियां की उम्दा अर्क्टेक्ट थीं.

RIBA के प्रेसिडेंट जेन डीन्क्न ने कहा कि वह आर्किटेक्चर में वर्ल्ड लेवल पर बहुत मज़बूत और अटरैकटिव पर्सनालिटी की मालिकन थीं.

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