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नाबीना (अंधे) से भीख मंगवाकर बनी करोड़पति

भीख में एक दिन में छह हजार रुपये की कमाई भले ही गैर यकीनी लगे, लेकिन एक मज़बूर और नाबीना नौजवान की तशद्दुद भरी दास्तां सुनकर कोई भी चौंक पड़ता है। इतना ही नहीं, 80 साल की बूढ़ी खातून ने उसे भीख मांगने के एक से बढ़कर एक गुर सिखाए और खुद करोड़

भीख में एक दिन में छह हजार रुपये की कमाई भले ही गैर यकीनी लगे, लेकिन एक मज़बूर और नाबीना नौजवान की तशद्दुद भरी दास्तां सुनकर कोई भी चौंक पड़ता है। इतना ही नहीं, 80 साल की बूढ़ी खातून ने उसे भीख मांगने के एक से बढ़कर एक गुर सिखाए और खुद करोड़ों की मालकिन बन बैठी।

भीख की कमाई से बूढ़ी खातून ने अपनी बेटियों के लिए कानपुर में तीन आलीशान मकान भी बनवा रखे हैं, जबकि खुद यहां एक झोपड़ी में रहती है। इस बूढ़ी खातून के जुल्म-सितम सुनकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं।

यह दास्तां सीतापुर के 18 साला के नाबीना व अपाहिज रमेश की है, जो पिछले 4 सालों से 80 साल की खातून कमला के चंगुल में फंसकर भीख मांगने का काम कर रहा था। रमेश की बातों पर यकीन करें तो उसे हर छह हजार रुपये का टारगेट दिया जाता था। इससे कम रकम लाने पर बदले में उसे मिलती थी नमक की एक सूखी रोटी।

भीख मांगने में ना-नुकुर करने पर तेज आवाज में गाने बजाकर अपने नातियों से उसकी पिटाई कराती थी। रमेश के मुताबिक, उसे बाकायदा भीख मांगने गुर भी बताए जाते थे।

रमेश सीतापुर में अपनी वालदा शर्मिता और भाई कमलेश व प्रकाश के साथ रहता था। साल 2010 में सीतापुर में रहने वाले तीन पड़ोसी राम अवतार, विपिन और टिंकू नौकरी लगवाने के बहाने से उसे लेकर आ गए थे। तीनों ने उसे लाकर नया गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर छोड़ दिया था। वहीं, रेलवे स्टेशन के पास झुग्गी में रहने वाली बूढ़ी खातून कमला की उस पर नजर पड़ी और सहारा दिया और बाद में रमेश से भीख मंगवाने का धंधा शुरू कर दिया।

रमेश के अगवा होने का मुकदमा सीतापुर में दर्ज हैं। मामले में तीन लोग नामजद हैं। मुल्ज़िम जेल जा चुके हैं। इस ताल्लुक में सीतापुर पुलिस को इत्तेला कर दिया गया है। वहां से पुलिस गाजियाबाद के लिए रवाना हो गई है। अब सीतापुर पुलिस ही आगे की कार्रवाई करेगी। फिलहाल बूढ़ी खातून कमला हिरासत में रहेगी। -अरुण सिंह, एसएचओ कविनगर।

बशुक्रिया: अमर उजाला

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