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नासाज़गार मौसम की बिना पर अग्नी 5 मीज़ाईल का तजुर्बा मुल्तवी

हिंदूस्तान के अव्वलीन न्यूक्लीयर सलाहीयत रखने वाले बैनुल बरा आज़मी ब्लास्टिक मीज़ाईल अग्नी 5 का तजुर्बा नासाज़गार मौसम की बिना पर मुल्तवी कर दिया गया। इस मीज़ाईल का वार करने का दायरा 5 हज़ार किलो मीटर से ज़्यादा है। इसे आज ओडीशा के साह

हिंदूस्तान के अव्वलीन न्यूक्लीयर सलाहीयत रखने वाले बैनुल बरा आज़मी ब्लास्टिक मीज़ाईल अग्नी 5 का तजुर्बा नासाज़गार मौसम की बिना पर मुल्तवी कर दिया गया। इस मीज़ाईल का वार करने का दायरा 5 हज़ार किलो मीटर से ज़्यादा है। इसे आज ओडीशा के साहिल के क़रीब टेस्ट रेंज से दाग़ा जाने वाला था।

मीज़ाईल की आज़माईशी परवाज़ हिंदूस्तान को 4 अक़्वाम के आला सतही ग्रुप में शामिल कर देगी, जिसमें बैन अलबर्र-ए-आज़मी ब्लास्टिक मीज़ाईल तैयार करने की सलाहीयत है और जिस में अपने एहदाफ़ पर ज़रब लगाने की भी सलाहीयत है। चीन और यूरोप के कई इलाक़ा भी अग्नी 5 मीज़ाईल की ज़द में होने का इम्कान है।

इसकी आज़माईशी परवाज़ सयान्ती वजूहात की बिना पर मंसूख़ कर दी गई क्योंकि टेस्ट रेंज की फ़िज़ा-ए-में ज़ोरदार बिजलियां कड़क रही थीं। वज़ारत-ए-दिफ़ा के तर्जुमान सीता नशो कार ने कहा कि ज़ोरदार बिजलियां कड़कने की वजह से तजुर्बा मुल्तवी किया गया है।

दिफ़ाई तहक़ीक़-ओ-तैयारी तंज़ीम (डी आर डी ओ) जिस ने मीज़ाईल तैयार किया है, कहा कि बिजलीयों की ज़बरदस्त चमक और ज़ोरदार बारिश की वजह से अग्नी 5 मीज़ाईल की आज़माईशी परवाज़ सयान्ती वजूहात की बिना पर मुल्तवी कर दी गई। मीज़ाईल अपने हदफ़ तक जो जुनूबी बहर हिंद में वाक़्य है, पहुंचने के लिए 20 मिनट का वक़्त ले सकता है।

डी आर डी ओ ने रास्ता पर नज़र रखने वाले आलात और स्टेशंस पूरे रास्ते पर तैनात कर दिए हैं ताकि आज़माईशी परवाज़ के बारे में और मीज़ाईल के सफ़र के बारे में मुकम्मल हालात मालूम किए जा सकें। मालूमात हासिल करने वाले आलात मीज़ाईल की रफ़्तार और मीज़ाईल के हदफ़ पर ज़रब लगाने की सलाहीयत के बारे में भी मालूमात दर्ज करेंगे।

सतह से सतह पर वार करने की सलाहीयत रखने वाला अग्नी 5 मीज़ाईल 5 हज़ार किलो मीटर से ज़्यादा फ़ासले तक वार कर सकता है।

धामारा के साईंसदानों ने कहा कि ये खेल तब्दील करने वाला मीज़ाईल है। ये न्यूक्लीयर वार हेड जिन का वज़न एक टन से ज़्यादा हो मुंतक़िल कर सकता है। इस तजुर्बा के बाद हिंदूस्तान एंटर कौंटीनेन्टल ब्लास्टिक मिज़ाईल्स रखने वाले हलक़ों के बाअसर कलब में शामिल हो जाएगा।

5000 कीलोमीटर फ़ासले के अग्नी मिज़ाईल को दाग़ कर हिंदूस्तान तरक़्क़ी की बुलंदी पर पहूंच जाएगा। अग्नी 5 का कामयाब तजुर्बा हिंदूस्तान को दुनिया के निहायत बाअसर और ताक़तवर हलक़ा में पहूँचा देगा। इस कामयाबी के लिए चंद लम्हा रह गए हैं। अग्नी मिज़ाईल से चीन के कई शहरों को निशाना बनाया जा सकता है।

ये मिज़ाईल इस वक़्त सिर्फ़ अमेरीका, रूस और चीन के पास ही है। ये ममालिक रुकन की हैसियत से इस कलब में शामिल हैं। अग्नी मीज़ाईल का तजुर्बा हिंदूस्तान की अज़ीम हिक्मत-ए-अमली का हिस्सा है।

इसकी मौजूदगी से हिंदूस्तान की सलाहीयतों में ज़बरदस्त इज़ाफ़ा होगा और ये मिज़ाईल चीन के शुमाली हिस्सों के बिशमोल तमाम एशिया को निशाना बनाने के साथ साथ यूरोप के सब से बड़े हिस्सा को भी ज़रब पहूँचाने की सलाहीयत रखता है।

तीन मरहलों वाले 50 टन के ठोस ईंधन के हामिल मिज़ाईल को ओडीशा में जज़ीरा से दाग़ा जा रहा है और ये मिज़ाईल जुनूबी बहर-ए-हिंद में अपने मुक़र्ररा निशाने को पहूंचेगा। आइन्दा साल के दौरान एक मर्तबा ये मिज़ाईल हिंदूस्तानी स्ट्रेटेजिक फोर्सेस में शामिल हो जाए तो नई दिल्ली, चीन के ख़िलाफ़ अपनी मुज़ाहमती गुंजाइश को हासिल करेगा।

अब हिंदूस्तान की स्ट्रेटेजिक ताक़त का अग्नी मिज़ाईल के तजुर्बा तक का इंतेज़ार है।

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