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निकाह क़ो आसान बनाने ख़ुसूसी मुहिम

हैदराबाद२७ नवंबर (सियासत न्यूज़) अंजुमन फ़लाह मुआशरा ज़िला बीदर की जानिब से निकाह को आसान बनाने के मक़सद से एक मुहिम शुरू की गई है, जिस के ज़िला बीदर में मुसबत नताइज बरामद होरहे हैं। इस मुहिम के ज़रीया अवाम में इस बात का शऊर बेदार क

हैदराबाद२७ नवंबर (सियासत न्यूज़) अंजुमन फ़लाह मुआशरा ज़िला बीदर की जानिब से निकाह को आसान बनाने के मक़सद से एक मुहिम शुरू की गई है, जिस के ज़िला बीदर में मुसबत नताइज बरामद होरहे हैं। इस मुहिम के ज़रीया अवाम में इस बात का शऊर बेदार किया जा रहा है कि निकाह में बेजा रसूमात और फुज़ूलखर्ची से इजतिनाब किया जाये और निकाह की तक़ारीब में ताम से अहितराज़ किया जाए।

जनाब अबदुलक़दीर सैक्रेटरी अल्लामा इक़बाल एज्यूकेशनल सोसाइटी (शाहीन) ने बताया कि इस ख़सूस में अंजुमन फ़लाह मुआशरा की जानिब से उल्मा की दस्तख़त शूदा तहरीर अवाम में तक़सीम की जा रही है और बशकल असटीकरज़ ज़ाइद अज़ 20 हज़ार मकानात पर चस्पाँ करने का मंसूबा ही। उन्हों ने बताया कि ज़िला बीदर कर्नाटक में इस के मुसबत नताइज बरामद होरहे हैं और लोग निकाह की सादा तक़ारीब के इनइक़ाद में संजीदगी का मुज़ाहरा करने लगे हैं।

जनाब अबदुलक़दीर ने बताया कि इन असटीकरज़ में 10 नकात तहरीर किए गए हैं जिस में बेजा रसूमात से परहेज़, जहेज़ के लेन देन से गुरेज़ , निकाह की तक़रीब में ताम से अहितराज़, सिर्फ़ बैरूनी मेहमानों और घर के अफ़राद के लिए खाने का इंतिज़ाम, मस्जिद में निकाह, दावत-ए-वलीमा में सादगी और गरबा-ए-ओ- मसाकीन (गरीब लोग‌)का ख़्याल रखने के इलावा महफ़िल निकाह-ओ-वलीमा में पट्टाख़ी, बाजा, वीडियोग्राफी, क़ीमती दावतनामा, क़ीमती स्टेज से इजतिनाब किया जाए।

नौजवान बैरूनी दबाॶ को क़बूल किए बगै़र कम ख़र्च में अपने निकाह को तर्जीह दें। इन नकात के इलावा इस में एक नुक्ता ये भी रखा गया है कि जिन तक़ारीब में बेजा रसूमात और ठाट बाट हो तो उन की सताइश के बजाय उन की मुज़म्मत की जाये तो लोगों में इस बात का एहसास भी पैदा होगा कि इस तरह की तक़ारीब पर लोग नापसंदीदगी का इज़हार करने लगते हैं।

इन असटीकरस पर जिन उल्मा की दस्तख़तें सबुत हैं, इन में मौलाना मुफ़्ती मुहम्मद महफ़ूज़ अहमद क़ासिमी, मौलाना सय्यद अबदुलहमीद क़ासिमी, मौलाना मुफ़्ती ग़ुलाम यज़्दानी इशाअती , मौलाना मुहम्मद शकील अहमद हसामी, मौलाना मुहम्मद मुजीब अलरहमन क़ासिमी, मौलाना मुहम्मद सिराज उद्दीन निज़ामी शामिल हैं। उन्हों ने बताया कि इस मुहिम को ज़िलई-ओ-रियास्ती सतह पर उल्मा की सरपरस्ती हासिल है और इस के मुसबत नताइज से हौसले बुलंद हो रहे हैं और काम को दीगर अज़ला तक वुसअत द

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