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नीतीश कुमार का नोटबंदी पर टिप्पणी से परहेज,सहयोगी कांग्रेस और आरजेडी को स्टैंड बदलने की उम्मीद

पटना: विपक्षी दलों का एहसास है कि जनतादल (यू) अध्यक्ष और मुख्यमंत्री बिहार नीतीश कुमार का नोटबंदी के 50 दिन बीतने के बाद स्टैंड बदल गया है लेकिन नीतीश कुमार ने इस बारे में सवाल किए जाने पर कोई जवाब नहीं दिया। आज लोकसभा समवाद के अंत में मीडिया के प्रतिनिधियों ने जब उनसे नोटबंदी के बारे में जानना चाहा उससे पहले ही नीतीश कुमार ने उनसे इच्छा कि वह बिहार को बेहतर तरीके से उजागर करें।

नीतीश कुमार ने नोटबंदी के बारे में कुछ भी नहीं कहा और जनतादल यू ने संकेत दिया है कि पार्टी रद्द किए गये 1000 और 500 रुपये के नोटों के बारे में समीक्षा बैठक आयोजित करेगी। नीतीश कुमार ने नोटबंदी का समर्थन किया था और कहा था कि वह 50 दिन पूरे होने के बाद अपनी राय जाहिर करेंगे।

नरेंद्र मोदी की ओर से प्रमुख मुद्रा का चलन बंद करने की घोषणा हुए 50 दिन 30 दिसंबर को पूरे हो गए। सहयोगी दलों, कांग्रेस और राजद(आरजेडी ) को उम्मीद है कि नीतीश कुमार अब अपना रुख बदलेंगें और इन 50 दिनों में जनता को जो परेशानी आई हैं उन पर खुलकर व्यक्त करेंगे। इसके अलावा वह भाजपा सरकार के इस कदम का विरोध भी करेंगे।

नीतीश कुमार ने हालांकि नोटबंदी का समर्थन किया लेकिन इस अभियान के लिए पर्याप्त व्यवस्था न करने की शिकायत की थी जिसके कारण नागरिकों को परेशानी पेश आई। उन्होंने कई अवसरों पर ध्यान करने के कारण बैंकों और एटीएम के बाहर लंबी कतारों का भी जिक्र किया और कहा कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए प्रभावी योजना की जानी चाहिए थी। नीतीश कुमार ने कहा था कि काला धन के खिलाफ संघर्ष का प्रत्यक्ष प्रभाव बेनामी संपत्तियों और नशा करने पर सेट होगा।

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