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नोटबंदी के बाद एक दूसरे का सहयोग कर कुरैशी समाज ने कराया 32 जोड़ों का सामूहिक विवाह

जयपूर: एक ओर जहां नोटबंदी के बाद उन लोगों के लिए विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं, जिनके घरों में शादी है। वहीं राजस्थान की राजधानी जयपुर में एक विशेष वर्ग द्वारा ऐसे वातावरण में फुजूल खर्ची पर लगाम कस कर एक दो नहीं बल्कि 32 जोड़ों का सामूहिक विवाह कराया गया और आपसी सहयोग के कारण इसमें किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।

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देश भर में पांच सौ। हजार के नोट बंद होने का असर देखने को मिल रहा है। जिन लोगों के घरों में शादियां हैं उन्हें विशेष छूट के साथ ढाई लाख रुपये तक बैंक खातों से निकालने की अनुमति दी गई है फिर भी लोगों को वह अपर्याप्त लग रहे हैं।
न्यूज़ नेटवर्क समूह प्रदेश 18 के अनुसार नोटबंदी के बाद जयपुर के कुरैशी समाज ने इस माहौल में एक उदाहरण प्रस्तुत किया है। इस समाज ने समाज के सहयोग से एक साथ 32 जोड़ों का रविवार को निकाह करवाया।
कम खर्च में की गई इस शादी में जरूरत के अनुसार सामान भी शादी करने वाले जोड़ों को दिया गया और शादी में आने वाले लोगों के आतिथ्य भी की गई।
इसके लिए समाज के लोगों को बैंक की पंक्तियों में लगना पड़ा और न शादी के कार्ड लेकर पंक्ति में ढाई लाख रुपये लेने की जरूरत पेश आई। बस समाज के लोगों ने टीम बनाकर एक मिशन की तरह काम किया और सभी के सहयोग से आसानी से काम हो गया।
आठ नवंबर को जब नोटबंदी की घोषणा की गई थी तब समाज के लोगों के सामने एक सवाल खड़ा हो गया था कि पिछले 12 अक्टूबर में ही घोषणा कर दिए गए सामूहिक विवाह का आयोजन हो भी पाएगा या नहीं।समाज के लोगों ने कई बैठकें कीं। शरीयत के अनुसार सभी ने फिजूलखर्ची पर सख्ती से रोक लगाई गई।

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