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नोटबंदी से देश में हो रही मौतों का ज़िम्मेदारी कौन?

दिल्ली : अंग्रेजी वेबसाइट हफिंग्टन पोस्ट के अनुसार फैसले के बाद छह दिनों के अंदर ही बैंकों के चक्कर काट रहे लोगों में से 30 लोगों की मौत हो चुकी है। रिपोर्ट का यह भी कहना कि इतनों लोगों की मौत की खबर तो मीडिया को पता चली हैं लेकिन आंकड़े और भी ज्यादा हो सकते हैं। पूरे देश में कहीं चिंता की लकीर खींची है तो कहीं इसी चिंता में हुई दर्दनाक मौतों पर मातम पसरा हुआ है। लगभग पूरा देश बैंकों की सुबह-शाम लाइनों में लगकर कोई अपने पैसों को जमा कर रहा है या फिर घर का शाम को चूल्हा जलाने के लिए पैसों की निकासी कर रहा है।

अभी तक करीब पूरे देश में 30 जानें जा चुकी है। और कईयों के घर-परिवार में फांके के साथ दिन-रात काटे जा रहे हैँ। इस उम्मीद में की कोई ऐसी किरण जागेगी जिससे सबकुछ एकबार फिर पटरी पर आ जाएगा। मजदूरों को मजदूरी मिलेगी, किसानों को अपने फसलों को दोबारा लहराने के लिए जो भी जरूरतें है वह पूरी करने को मिल जाएंगी।

पूरा देश इस संकट से उभर जाएगा और जिस नीयत से इस फैसलों को लागू किया गया है उसपर भी पूरी तरह लगाम लग जाएगा। ऐसी कुछ उम्मीदें लगाए हुए बैठे है लोग। लेकिन सत्ताधारी दल के राजनेताओं के बयानों से होने वाली चुभन देशवासियों को काफी परेशान कर रही है।

बीते कल बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष औऱ मध्य प्रदेश प्रभारी डॉ विनय सहस्त्रवुद्दे ने एक सवाल में बोला कि, लोगों का क्या लोग तो राशन की लाइनों में भी मर सकते हैं। जबकि पत्रकारों ने एमपी में नोट बदलवाने गए एक रिटायर्ड कर्मी की लाइन में मौत हो जाने पर उनसे सवाल किया था। बीजेपी नेता ने उसका जवाब इस तरह दिया।

उसी कड़ी में आज बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव ने बोला कि, बैंकों की लाइनों में लगना देशभक्ति का इम्तिहान है। वरना आम दिनों में देशभक्त बनना सामान्य बात है। बीजेपी नेताओं के बयानों में ज़रा सी इस बात का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता कि उन्हें देश के इस हालात पर ज़रा भी ग़म है जबकि 25 मौतें हो चुकी है।

कहां-कहां मोँते हुयी आइये जानते हैं तफसील से :-

1. यूपी के बुलंदशहर में कैलाश हॉस्पिटल में इलाज ना मिलने से एक बच्चे की मौत हुई। उसके घरवालों के पास देने के लिए खुल्ले पैसे नहीं थे। वह हॉस्पिटल केंद्र मंत्री महेश शर्मा का है।
2. दिल्ली में एक महिला ने अपने आपको फांसी लगा ली क्योंकि वह तीन दिन से नोट बदलने की कोशिश कर रही थी लेकिन नाकाम रही।
3. गुजरात के सूरत में 50 साल की एक महिला की मौत हो गई। बाद में कहा गया कि महिला के पास अपने बच्चों को खिलाने के लिए राशन लाने के पैसे नहीं थे। दुकान वाले ने पुराने नोट लेने से मना कर दिया था। महिला के दो बच्चे थे।
4. यूपी के शामली इलाके में एक 20 साल की लड़की ने सुसाइड किया। बताया गया कि उसका भाई नोट बदलने के लिए गया था लेकिन वह सफल नहीं हो पाया। इसपर जब वह घर आया तो बहन को पंखे से लटकता पाया।
5. कर्नाटक के चिकबालपुर जिले में 40 साल की महिला ने खुदकुशी कर ली। बताया गया कि वह 15 हजार रुपए बदलवाने के लिए बैंक गई थी। लेकिन वहां किसी ने वे पैसे चुरा लिए या फिर महिला से पैसे खो गए। इसपर उसने दुखी होकर जान दे दी। महिला ने अपने शराबी पति से छिपाकर वह पैसे जोड़े थे।
6. छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में 45 साल के किसान ने जान दे दी। बताया गया कि उसने तीन दिनों तक 3000 रुपए के नोट बदलवाने की कोशिश की लेकिन वह नाकाम रहा। उसके बच्चे किसी काम से तमिलनाडु गए थे लेकिन नोट बंद होने की वजह से वहीं फंस गए थे। वह वहां पैसा ना भेज पाने से निराश था।
7. गुजरात के सुरेंद्रनगर जिले में 69 साल की महिला नोट बदलवाने गई थी। वहां लाइन में खड़े-खड़े उसको चक्कर आ गए और फिर हार्ट अटैक से उसकी मौत हो गई।
8. कानपुर में एक महिला नोट गिनते-गिनते मर गई थी। पुलिस को उसके पास से 2.69 लाख रुपए की पुरानी करेंसी मिली थी।
9. कानपुर में ही शख्स की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। बताया गया कि उस शख्स को नोटबंदी वाले फैसले पर पीएम मोदी का भाषण सुनते वक्त हार्ट अटैक आया था। एक दिन पहले ही उस शख्स ने अपनी जमीन बेची थी। उसके बदले में उसे एडवांस में 70 लाख रुपए मिले थे। वह उस जमीन को काफी वक्त से बेचने की सोच रहा था।
10. मुंबई के एक हॉस्पिटल में नवजात को सिर्फ इसलिए भर्ती नहीं किया क्योंकि उसके माता-पिता पर वैध करेंसी नहीं थी। इलाज ना मिलने पर उस बच्चे की भी मौत हो गई। सरकार द्वारा लिए गए फैसले के हिसाब से सिर्फ सरकारी हॉस्पिटल में ही पुराने नोट चल सकते हैं।
11. विशाखापट्टनम में 18 महीने की एक बच्ची की मौत हुई। उसके माता-पिता पर दवाई खरीदने के पैसे नहीं थे। प्राइवेट हॉस्पिटल ने 500 और 1000 के नोट लेने से मना कर दिया था।
12. उत्तरप्रदेश के मेनपुरी में एक बच्चा इलाज के लिए भर्ती था लेकिन फैसला आते ही डॉक्टर्स ने उसका इलाज करना बंद कर दिया। उसे बहुत तेज बुखार था। बावजूद इसके, माता-पिता उसे घर ले आए। घरपर ही उसकी मौत हो गई।
13. राजस्थान के पाली में एंबुलेंस ने चंपालाल मेघवाल के नवजात को हॉस्पिटल ले जाने से मना कर दिया क्योंकि उनके पास सिर्फ 500 और 1000 के नोट थे। जबतक मेघवाल ने 100-100 के नोटों का इंतजाम किया बच्चे की मौत हो चुकी थी।
14. यूपी के कुशीनगर जिले में एक महिला को नोटबंदी की जानकारी तब मिली जब वह 1000 के दो नोट बैंक में जमा करना गई। नोटबैन के बारे में पता लगते ही वह वहीं शॉक से मर गई। वह धोबिन थी और उसने वह पैसे काफी मेहनत से जोड़े थे।
15. तेलंगाना के महुबाद जिले में कंदुकुरी विनोदा नाम की 55 साल की महिला के पास 54 लाख रुपए थे। वह उसने अपने पति के इलाज, बेटी की शादी के लिए जमीन बेचकर जमा किए थे। निर्णय के बाद उसने सुसाइड कर लिया।
16. बंगाल के हावड़ा में एक शख्स ने नोटबंदी से परेशान होकर अपनी पत्नी का ही मर्डर कर दिया। वह एटीएम से पैसे लिए बिना लौटी थी।
17. बिहार के कैमुर जिले में 45 साल की महिला की हार्ट अटैक से मौत हुई। उस महिला को इस बात की चिंता थी कि उसकी लड़की का होने वाला ससुर और पति दहेज में पुराने नोट नहीं लेंगे। उसने 35 हजार रुपए बचा रखे थे।
18. केरल में एक महिला फैसले के बाद दूसरे दिन बैंक में 5 लाख रुपए जमा करवाने पहुंची। पहले दिन उसका नंबर नहीं आया था। वहां वह अचानक दूसरी मंजिल से गिर गई और वहीं उसकी मौत हो गई।
19. मुंबई में विश्वास वर्तक नाम से 72 साल के शख्स की हर्ट अटैक से मौत हो गई। वह बैंक के बाहर नोट बदलने के लिए इंतजार कर रहा था।
20. गुजरात के तारापुर में एक 47 साल के किसान की हार्ट अटैक से मौत हुई। उसे अपने खेत में काम करने वाले मजदूरों को पैसा देने की चिंता थी।
21. केरल के अल्लपुजाहा में 75 साल की एक महिला की मौत हुई। वह बैंक के बाहर बेहोश होकर गिर गई थी। वह एक घंटे से लाइन में इंतजार कर रही थी।
22. कर्नाटक के उदप्पी में 96 साल के शख्स की बैंक की लंबी लाइन में लगने से मौत हुई। उसे लाइन में खड़े काफी देर हो गई थी और बैंक तबतक खुला ही नहीं था।
23. मध्यरप्रदेश के सागर में बीएसएनएल से रिटायर 69 साल के विनय कुमार की बैंक में चैक जमा करवाने का इंतजार करते वक्त मौत हुई।
24. भोपाल में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के कैशियर की हार्ट अटैक से मौत हो गई। गौरतलब है कि इन दिनों बैंक के लोगों पर ज्यादा काम करने का दबाव है।
25. उत्तरप्रदेश के फैजाबाद में एक शख्स की सीने में दर्द से मौत हो गई। पीएम मोदी का नोटबंदी वाला भाषण सुनते वक्त उसके सीने में दर्द शुरू हुई था। फिर वक्त पर इलाज ना मिलने से उसकी मौत हो गई।

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