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नोटबंदी से ध्यान बटाने के लिए बीजेपी ने यूपी में बदली चाल

लखनऊ: 2017 देश की राजनीति के लिए बहुत अहम है. इसी साल आबादी के लिहाज से सबसे बड़े उत्तर प्रदेश समेत 7 राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं. उत्तर प्रदेश के साथ ही पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में चुनाव होने हैं. वहीं साल के आखिर में गुजरात और हिमाचल प्रदेश में चुनाव होंगे. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव पर बीजेपी बहुत दारोमदार मान रही है. जाहिर है इस चुनाव के जो भी नतीजे आएंगे, उनकी गूंज गुजरात के चुनाव में भी सुनाई देगी जो सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की साख से जुड़ा है.

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जनसत्ता के अनुसार, दिलचस्प है कि 50 दिन तक नोटबंदी के जनता पर हुए असर को भांपने के बाद अब बीजेपी की रणनीति नोटबंदी से हटकर राज्य में स्थानीय मुद्दों पर जोर देने की है.
अब पूरे उत्तर प्रदेश में जगह-जगह बीजेपी के ऐसे पोस्टर दिखाई देंगे, जिनमें सीधे तौर पर प्रतिद्वंद्वी दलों की खामियों को निशाना बनाया गया है. इन पोस्टर में किसानों की दुर्दशा, कानून व्यवस्था की खराब स्थिति, बेरोजगारी, महिला सुरक्षा और पलायन जैसे मुद्दों को जगह दी जाएगी. बीजेपी इन सभी समस्याओं से निजात दिलाकर परिवर्तन का वादा कर रही है.

पार्टी की तरफ से ये संकेत साफ है कि चुनाव से पहले मुख्यमंत्री का कोई चेहरा सामने नहीं लाया जाएगा. सिर्फ प्रधानमंत्री मोदी के चेहरे को आगे रखकर पार्टी चुनावी रण में उतरेगी. चुनाव से ऐन पहले पार्टी के प्रचार की नई रणनीति नेताओं का चेहरा दिखाने की जगह सिर्फ मुद्दों के आधार पर विरोधियों पर वार करने की रहेगी.
राज्य में प्रधानमंत्री की लगभग हर रैली में डिजिटल पेमेंट का नारा बुलंद होगा. इसके लिए बाकायदा केंद्रीय मंत्री शहरों और जिलों में जाकर डिजिटल सिस्टम सिखाने के लिए चल रही ट्रेनिंग का हिस्सा बनेंगे. लोगों को ये बताने पर जोर होगा कि भविष्य में दुनिया के साथ कदमताल मिलाने के लिए नोटबंदी का कदम कितना जरूरी था.
स्थानीय मुद्दों पर फोकस रखने की रणनीति के साथ बीजेपी ने कार्यकर्ताओं को भी यूपी का किला हर हाल में फतेह करने की हिदायत दी है. साम दाम दंड भेद एक करके उत्तर प्रदेश में जीत को बीजेपी अपनी आन का सवाल मान रही है. बीजेपी की पूरी कोशिश है कि ऐसी कोई चूक ना की जाए, जिससे बाजी उसके हाथ से निकल जाए.

प्रधानमंत्री के 31 दिसंबर को राष्ट्र के नाम संबोधन में किसानों, महिलाओं, छोटे व्यापारियों और बुजुर्गों के लिए की गई घोषणाएं पार्टी के प्रचार का अहम हिस्सा बनेंगी.

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