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नोट बंदी से प्रभावित अर्थव्यवस्था को पटरी पर लौटने में लगेगा एक साल: एसोचेम अध्यक्ष

नई दिल्ली: औद्योगिक संगठन एसोचेम के नए अध्यक्ष और विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाली मोनेट समूह के प्रमुख संदीप जजूडया ने आज कहा कि अर्थव्यवस्था को नोट बैन करने से पहले की स्थिति में लौटने में एक साल लग जाएगा.
श्री जजूडया चैम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष के रूप में अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक सवाल के जवाब में कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति काफी खराब है. वहाँ नकदी की काफी कमी है और सब कुछ सामान्य होने में काफी समय लगेगा और इसलिए अर्थव्यवस्था को पटरी पर आने में कम से कम एक साल का समय लगेगा. इससे पहले वित्त मंत्री अरुण जेटली दावा कर चुके हैं कि तीन महीने के भीतर अर्थव्यवस्था की स्थिति पूरी तरह सामान्य हो जाएगा. उन्होंने सरकार से मांग को बढ़ावा देने के उपाय करने, करदाताओं और देश के लिए धन बनाने वाली औद्योगिक दुनिया पर भरोसा करने और टैक्स, आतंकवाद और भय का माहौल पैदा न करने की अपील करते हुए कहा कि लोगों को कैश लेस को अपनाने में समय लगेगा. जब तक वह इसके आदी नहीं हो जाते तब तक हालात से होशियारी से निपटने की जरूरत है.

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प्रदेश 18 के अनुसार, श्री जजूडया ने कहा कि तीन लाख रुपये से अधिक की नकद खरीद पर लेनदेन के समय ही कर लगाने के प्रस्ताव पर सरकार को फिर से विचार करना चाहिए. ऐसे ईमानदार करदाताओं को और उद्योग जगत को शक की निगाह से देखने की बजाय उनके सम्मान करना चाहिए और कर राजस्व बढ़ाने के लिए टैक्स के दायरे में अधिक लोगों को लाना चाहिए. अब केवल 1.8 प्रतिशत लोग ही कर जमा करते हैं जो हैरत की बात है.
एसोचैम के अध्यक्ष ने कहा कि जब तक अर्थव्यवस्था में नकदी नहीं आएगी माल का उपयोग नहीं बढ़ेगा. अगर उपकरण का उपयोग और उनकी मांग कम रहेगी तो रोजगार भी पैदा नहीं होगा. देश की आधी से अधिक आबादी युवा है और उनकी आरज़ों को पूरा करने के लिए उद्योग जगत को बढ़ावा देना चाहिए जो उन युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा कर सकता है. देश में जिस तेजी से परियोजनाओं और योजनाओं का ऐलान होता है उतनी ही तेजी से उन्हें लागू भी किया जाना चाहिए. स्टार्टअप इंडिया और स्किल इंडिया अच्छी पहल है लेकिन इन योजनाओं के क्रियान्वयन में रोजगार पैदा करने का लक्ष्य भी शामिल किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि जानबूझकर ऋण न चुकाने वालों और व्यवसाय में नुकसान की वजह से ऐसा न कर पाने वालों में अंतर किया जाना चाहिए.

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