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‘नोरवे’ धरती पर सबसे ‘खुश’ देश

एक नयी रिपोर्ट के अनुसार ‘नोरवे’ धरती पर सबसे खुश देश है और अमेरिका में अमीरी बढ़ने के बावजूद लोगो मे ख़ुशी कम हुई है ।

विशेषज्ञों और हंसमुख नॉर्वेजियनों के अनुसार नॉरवे और अन्य उत्तरी यूरोपीय देशों का खुशी की सूची में सबसे ऊपर होने का कारण है व्यापक समुदाय की भावना और सामाजिक कल्याण समुदायों का समर्थन, जिनमें से एक वो भी है जिसका काम लोगो को हँसाना है।

नॉर्वेजियन हास्य अभिनेता ‘हाराल्ड ईया’ ने कहा, “नॉर्वेजियन लोग खुश क्यों हैं – इसका उत्तर थोड़ा उबाऊ है – यहाँ अच्छी तरह से कामकाज करने वाले संस्थान। स्कूल, स्वास्थ्य देखभाल, पुलिस, सभी नौकरशाह लोगों को सम्मान देते हैं और वह हमें खुश रखते हैं, इससे हम एक दूसरे पर भरोसा कर पाते हैं खुद को एक समुदाय का हिस्सा महसूस करते हैं। तो यह बहुत उबाऊ है: नौकरशाह हमारी खुशी का रहस्य है। ”

नोरवे ने दुनिया में सबसे खुश देशो की सूचि में पहला स्थान पाया है बावजूद इसके की तेल जो उनकी अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं उसके दाम गिरे हुए हैं। वहीँ अमेरिका जिसकी अर्थव्यवस्था विकास कर रही है और देश आमिर हो रहा है वहां लोगो की ख़ुशी में कमी आयी है।

दुनिया मे सबसे खुश देशो में अमेरिका 13 वें स्थान से गिर कर 14 वें स्थान पर पहुँच गया।

“मानवीय चीजें ही महत्वपूर्ण हैं, अगर अमीरी के कारण लोगो के बीच विश्वसनीय रिश्ते बनना मुश्किल हो जाये तो क्या वो अमीरी किसी काम की है ?” रिपोर्ट के मुख्य लेखक ‘जॉन अब्राहम’ और कनाडा की ब्रिटिश कोलंबिया विश्वविद्यालय (नंबर 7) के अर्थशास्त्री ने कहा।

खुशी का अध्ययन एक छोटी चीज़ लग सकती है, लेकिन गंभीर शिक्षाविद लंबे समय से लोगों के भावनात्मक कल्याण के बारे में अनुसन्धान करना चाहते हैं, खासकर यह अनुसन्धान वे संयुक्त राज्य अमेरिका के लोगो पर करना चाहते हैं। 2013 में ‘नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज’ ने संघीय आंकड़ों और सर्वेक्षणों की सिफारिश करने वाली एक रिपोर्ट को जारी किया जो आम तौर पर आय, खर्च, स्वास्थ्य और आवास के बारे में बताती हैं परंतु उसमे कुछ अतिरिक्त प्रश्न भी शामिल थे क्योंकि इससे बेहतर नीति बनाने में आसानी होती है।

नॉरवे रिपोर्ट में चौथे स्थान से उछल कर पहले स्थान पर पहुँच गया है। यह रिपोर्ट अर्थशास्त्रियों द्वारा संकलित आर्थिक, स्वास्थ्य और मतदान आंकड़ो को जोड़ती है जिसमे 2014 से 2016 तक के सालो के आंकड़ो का औसत लिया गया है। ‘नॉरवे’ पिछले विजेता ‘डेनमार्क’ से पिछाड़ते हुए पहले स्थान पर पहुँच गयी है। आइसलैंड, स्विट्जरलैंड और फिनलैंड पहले पांच देशो की सूची में शामिल हैं ।

मध्य अफ्रीकी गणराज्य खुशी की सूची में आखरी पर है, जहाँ बुरुंडी, तंजानिया, सीरिया और रवांडा उसका साथ दे रहे हैं।

जहाँ ज़्यादातर देश ख़ुशी की और बढ़ रहे हैं, वहीँ अमेरिका में लोगो की ख़ुशी में पिछले दशक की तुलना में 5 प्रतिशत कमी आयी है ।

अध्ययन के सह-लेखक और कोलंबिया विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्री ‘जेफरी सैश’ ने कहा , ” हम अधिक से अधिक मतलबी होते जा रहे हैं और हमारी सरकार अधिक से अधिक भ्रष्ट। देश में असमानता बढ़ती जा रही है। यह प्रवृति हम लंबे समय से देख रहे हैं और स्थिति और बिगड़ती जा रही है ।

नॉर्वेजियन हास्य अभिनेता ‘ईया’ को अमेरिका में कम ख़ुशी चकरा देती है ।

“अमेरिकी जो दुनिया में सबसे प्रतिभाशाली लोग हैं, वे हमारी तरह खुश क्यों नहीं रह सकते यह मुझे समझ नहीं आता, ” ईया ने कहा।

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