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नौजवान लड़के , लड़कीयों मैं हुक़्क़ा नोशी का मोहलिक शौक़

हैदराबाद । /18 सितंबर ( सियासत न्यूज़) हल्की मूसीक़ी के दरमयान हुक़्क़ा के कश से महज़ूज़ होने को एक शाही थाट ही कहा जा सकता है । पुलिस का दावा है कि शहर के पाश इलाक़ों में हुक़्क़ा नोशी को रोकने केलिए क़ानून के मुताबिक़ कार्रवाई की जा रही है लेकिन हक़ीक़त इस दावे के बरअक्स है और शहर में हुक़्क़ा बार और उन में ग्राहकों की तादाद में मुसलसल इज़ाफ़ा होरहा है । काबिले हैरत बात तो ये है कि अक्सर कमउमर दुबले पुतले बच्चे और कि नौउम्र लड़कीयां भी हल्की मूसीक़ी के दरमयान हुक़्क़ा नोशी के शाही थाट से लुतफ़ अंदोज़ होरहे हैं । ऐसे ही नौ उम्र ग्राहकों में सरमीश और उन का साथी गरीधर भी शामिल है जो हर शाम पाबंदी के साथ पंजा गट्टा के नागर जना सर्किल पर वाक़्य हुक़्क़ा बार पहूंच जाते हैं । आई टी एनालिस्ट गरीधर का कहना था कि दिन भर का काम ज़हनी-ओ-जिस्मानी थकन पैदा करता है और हर शाम वो दोनों सिर्फ़ 250 रुपय फ़ी घंटा इस हुक़्क़ा सैंटर में बैठते हैं । हुक़्क़ा नोशी तो एक बहाना है इस के साथ गपशप करते हुए थकन भूल जाते हैं । गरीधर ने एतराफ़ किया कि हुक़्क़ा अगरचे सिगरेट नोशी से भी ज़्यादा ख़तरनाक है लेकिन हम इस में नशा आवर मवाद या ख़ुशबू शामिल नहीं करते । रोज़ाना एक घंटा यहां बैठते हैं और ग़ालिबन इस से हम पर ज़्यादा असर नहीं होता । हुक़्क़ा सैंटरस पर शहद , लींबो , फलों और मौला सेस की आमेज़िश के तंबाकू भी फ़राहम किए जाते हैं जो ग्राहकों की पसंद और तलब पर सरबराह होते हैं । यही रुजहान अब दोनों शहरों के हुक़्क़ा सैंटरस पर तेज़ी से फैलता जा रहा है । बंजारा हिलज़ रोड नंबर 2 पर वाक़्य एक हुक़्क़ा सैंटर के मैनेजर अंकीत ने कहा कि कई नौ उम्र लड़के जिन में दौलतमंद घरों के बच्चों की अक्सरीयत होती है मुख़्तलिफ़ ज़ायक़ों की आमेज़िश के हुक्के तलब करते हैं । जिस के लिए फ़ी घंटा 250 ता 500 रुपय अदा करते हैं । ताहम अंकीत ने बहुत ज़्यादा पस-ओ-पेश के साथ ये भी कहा कि इस हुक़्क़ा सैंटर पर तमाम क़वाइद और क़वानीन की सख़्ती के साथ पाबंदी की जाती है । कमउमर बच्चों को दाख़िला की इजाज़त नहीं दी जाती । बाअज़ हुक़्क़ा सैंटरस पर 60 ता 100 मिनट की बैठक केलिए 250 ता 1000 रुपय वसूल किए जाते हैं । फ़ार नसक़ रिपोर्ट के मुताबिक़ हुक़्क़ा के नमूना का मुआयना करने से उन में निकोटीन की मौजूदगी का इन्किशाफ़ हुआ है । इस के बावजूद कमउमर बच्चों को भी हुक़्क़ा नोशी की इजाज़त दी जा रही है । जिस के ख़िलाफ़ पुलिस कार्रवाई भी की जा रही है । ताहम शहर में हुक़्क़ा सैंटरस का गै़रक़ानूनी जाल तेज़ी से फैल रहा है । ऐडीशनल डिप्टी कमिशनर पुलिस टास्क फ़ोर्स के रग्घू राम रेड्डी ने ख़बरदार किया है कि गै़रक़ानूनी हुक़्क़ा बार्स के ख़िलाफ़ दफ़आत 188 , 272 और 273 के तहत कार्रवाई की जाएगी । उन्हों ने कहा कि हमारे पास बावसूक़ इत्तिलाआत हैं कि कई हुक़्क़ा बार्स गै़रक़ानूनी तौर पर चलाए जा रहे हैं जो स्कूल और कॉलिज के कमउमर तलबा को राग़िब कर रहे हैं । हुक़्क़ा केलिए इस्तिमाल किए जाने वाले शीशे और पाइप आई ऐस आई मार्क के नहीं हैं और अंदेशा है कि पाइप और शीशे साफ़ ना होने की सूरत में मुतअद्दी अमराज़ भी फैल सकते हैं और तफ़रीही तौर पर हुक़्क़ा नोशी का ये शौक़ एक मोहलिक आदत भी साबित होसकता है ।

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