Saturday , October 21 2017
Home / World / न्यूयार्क पुलिस में अब मुसलमान “मुखबिर”

न्यूयार्क पुलिस में अब मुसलमान “मुखबिर”

अमेरीका की दारूल हुकूमत न्यूयार्क की पुलिस ने कैफे, रेस्टोरेंटों, छोटे होटलों और मस्जिदों में निगरानी रखने के लिए Immigrant Muslims को मुखबिर के तौर पर भर्ती किया है।

अमेरीका की दारूल हुकूमत न्यूयार्क की पुलिस ने कैफे, रेस्टोरेंटों, छोटे होटलों और मस्जिदों में निगरानी रखने के लिए Immigrant Muslims को मुखबिर के तौर पर भर्ती किया है।

मीडिया रिपोर्टों के नुताबिक शहर में 11 सितंबर 2001 के दहशतगर्दाना हमले के बाद यह खुसूसी मुहिम शुरू किया गया था। इनमें मिस्र, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के मुसलमान कामगारों को खुसूसी अहमियत दी जाती है।

रिपोर्ट में सरकारी दस्तावेजों और साबिक पुलिस आफीसरों के हवाले से कहा गया है कि मुखबिर बनाए गए लोगों में छोटे दुकानदार, टैक्सी, बढई और ऐसे कारीगर शामिल है जिनका आमतौर में आम घरों में आना जाना होता है।

रिपोर्ट के मुताबिक ज्यादातर उन लोगों को मुखबिर बनाया गया है जो छोटे मोटे जुर्म में पकडे गए है। न्यूयार्क के महकमा खुफिया के चीफ जान मिलर ने बताया कि दहशगर्द के खतरे से निपटने के लिए सही इत्तेलात की जरूरत महसूस की गयी। इस साल के शरू में तकरीबन 220 लोगों को मुखबिर बनाया गया।

मिलर ने कहा कि हमें ऐसे लोगों की तलाश रहती है जो कुछ अहम मालूमात दे सके। दहशतगर्द की दुनिया के बारे में मालूमात हमें चाहिए और लोगों से बात किए बगैर आप यह मालूमात हासिल नहीं कर सकते।

उन्होंने कहा कि पहले मुजरिमों को पकड़ने के लिए यह तकनीक अपनाई जाती थी। दहशतगर्दों के इरादों को जानने और उनको पकड़ने में भी यह तरीका कामयाब रहा है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि मुखबिर बनाए गए लोगों की खाहिश यह काम करने की नहीं है लेकिन वे पुलिस के साथ मदद करते हैं। मुखबिर को अफगानिस्तान के फल बेचने वाले बैजान अब्राहिमी ने बताया कि पुलिस ने उसे पार्किंग के एक झगड़े. में पकड़ा था। उससे अल कायदा आतंकवाद और इससे जुड़ी सरगर्मियो के बारे में पूछताछ की गई।

उससे कहा गया कि अगर वह मस्जिद अफगानिस्तान आने-जाने वालों और दूसरे लोगों के बारे में मालूमात देगा तो उसे छोड़ दिया जाएगा। उसने कहा कि वह बेहद डर गया और मदद के लिए राज़ी हो गया।

TOPPOPULARRECENT