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नफ़रत का माहौल फैलाने वाले ही ट्विटर पे ज़ाकिर नाइक का विरोध कर रहे हैं

रोज़ की तरह ट्विटर पर अजीब ओ ग़रीब ट्रेंड चलते हैं, इनका कोई सर पैर नहीं होता बस चल पड़ते हैं. आजकल जो कुछ ट्रेंड चल रहे हैं उन ट्रेंड में एक तो है UPwithNamo, अब इस ट्रेंड का लॉजिक कुछ समझ नहीं आता क्यूंकि ज़मीनी स्तर पर बीजेपी उत्तर प्रदेश में तीसरे नंबर पर मालूम देती है बहरहाल हो सकता है कोई नया लॉजिक लगाया ही हो. इसी प्रकार से कुछ ट्रेंड ऐसे चलते हैं जो नफ़रत से लबरेज़ होते हैं और अक्सर एक सम्प्रदाय को गाली देने में यक़ीन रखते हैं. इनके पास ना तो कोई आधार होता है ना ही कोई सबूत, बस ख़रगोश की तरह कुछ दूर बस दौड़ते चले जाते हैं. कुछ समझ तो है नहीं हाँ अपने को देशभक्त बताने में लग जाते हैं लेकिन इनकी देशभक्ति ट्विटर की गालियों तक सीमित है और इसके बाहर का ज्ञान इनका ये है कि भयंकर दहेज़ लेते और देते हैं, ज़बरदस्त रिश्वतखोर होते हैं और लड़कियों के बारे में बहुत बुरे ख्याल रखते हैं और अगर आपको यक़ीन ना हो तो इनसे पर्सनल चैट करिए.
हाँ तो इसी जमात के लोग ट्विटर को गंदगी से लबरेज़ कर रहे हैं और इसी ख़ुरपेच में आज ट्रेंड चल पडा है BanZakirNaik, ज़ाकिर नाइक इस्लाम के बहुत बड़े स्कॉलर हैं और कई धर्मों पे बहस करते हैं. उनके ख़िलाफ़ ट्रेंड चलने का कारण है कि ढाका हमले में जो आरोपी हमलावर थे उनमें से 2 ज़ाकिर नाइक को पसंद करते थे. ये बात अखबार में छपी क्या तुरंत ही ज़ाकिर नाइक के ख़िलाफ़ मुहिम शुरू हो गयी, इसमें कुछ बड़े अखबार वालों का भी दोष है जिन्होंने इस ख़बर को पूरे मसाले से छापा. अब इसमें बहुत से “जंगलर” मिज़ाज के लोगों ने ज़ाकिर को बग़ैर कभी पढ़े समझे बिना ही ना जाने क्या क्या कह डाला. कुछ एक ने तो आतंकवादी तक का लेबल लगा डाला. असल में ज़ाकिर नाइक पिछले सालों में इस्लाम के प्रचार प्रसार में बहुत कामयाब रहे हैं और इस पूरी प्रक्रिया में उन्होंने हमेशा हिंसा को बहुत बुरा क़रार देते हुए उसकी ज़बरदस्त निंदा की है. किंग फैसल अन्तराष्ट्रीय पुरूस्कार से सम्मानित ज़ाकिर नाइक का सम्मान पूरी दुनिया में होता है. उनका सम्मान करने वाले वो लोग भी शामिल हैं जो ज़ाकिर से वैचारिक मतभेद रखते हैं. दो तीन देशों ने वैचारिक मतभेद के कारण डॉक्टर ज़ाकिर नाइक को अपने यहाँ बयान नहीं देने दिया लेकिन तमाम ऐसे देश हैं जिन्होनें ज़ाकिर नाइक को बाक़ायदा बुलाया है, सम्मानित किया है. डॉ ज़ाकिर नाइक ने दुनिया भर में कई प्रोग्राम किये हैं और उनके वीडियो youtube जैसी वेबसाइट पे आसानी से पाए जा सकते हैं लेकिन किसी भी विडियो में उन्होंने हिंसा को बढ़ावा देने की बात नहीं कही है लेकिन ट्विटर पे जो लोग औरतों को ढेरो गाली देते रहते हैं तो उनसे हम कोई और उम्मीद तो कर नहीं सकते. ज़ाकिर नाइक के बहाने कुछ लोगों ने शाह रुख खान को भी निशाना बनाने की कोशिश की है क्यूंकि ज़ाकिर नाइक के एक प्रोग्राम में जो NDTV ने प्रसारित किया था, उसमें वो भी गए थे. अब उस प्रोग्राम में बहुत और भी लोग थे लेकिन निशाना सिर्फ़ शाह रुख खान को बनाया जाता है. इससे साबित होता है कि इन लोगों के दिमाग़ में किस क़दर नफ़रत का माहौल है.
फेसबुक पर ज़ाकिर के 1 करोड़ 40 लाख से ज़्यादा लाइक्स हैं उनमें से अगर कुछ लोग बुरा काम करने लगें तो इसका ज़िम्मेदार कोई बेवक़ूफ़ ही ज़ाकिर को बतायेगा.
चलिए वापिस इसी मुद्दे पर आ जाते हैं ढाका हमले में जो लड़के आतंकी माने जा रहे हैं उनमें से एक निबरास इस्लाम श्रद्धा कपूर का फैन था लेकिन श्रद्धा को तो कोई बैन करने की बात नहीं कर रहा अब आख़िर में श्रद्धा और ज़ाकिर क्या करें अगर उन्हें कोई ग़लत ढंग से फॉलो करे.निबरास तो फुटबाल का भी फैन था तो क्या करें पूरी फुटबॉल को बैन कर दें.
ये जो लोग ट्विटर पे नफ़रत का माहौल फैलाने की कोशिश में रहते हैं इनका मक़सद भी दंगा भड़काना रहता है. हालाँकि ट्विटर पे कुछ लोग अच्छी बातें भी करते हैं लेकिन इस तरह की गंदगी पैदा करने वाले लोग भी बहुत हैं. होना तो ये चाहिए कि इन लोगों को बैन कर दिया जाए बजाय किसी और को बैन करने के.

(अरग़वान रब्बही)
लेखक के विचार निजी हैं.

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