Monday , October 23 2017
Home / India / पंचायतों को इख़्तेयारात के लिए सरपंचों की भूख हड़ताल

पंचायतों को इख़्तेयारात के लिए सरपंचों की भूख हड़ताल

रियासत जम्मू-ओ-कश्मीर में पंचायती राज निज़ाम को बा इख्तेयार बनाने 73 वीं तरमीम का मुतालिबा करते हुए मुख़्तलिफ़ मवाज़आत के पंचायत सरबराहों ने एक रोज़ा भूख हड़ताल की। इस मौक़ा पर मवाज़आत के तमाम नुमाइंदे जम्मू-ओ-कश्मीर पंचायत राज तहरीक के

रियासत जम्मू-ओ-कश्मीर में पंचायती राज निज़ाम को बा इख्तेयार बनाने 73 वीं तरमीम का मुतालिबा करते हुए मुख़्तलिफ़ मवाज़आत के पंचायत सरबराहों ने एक रोज़ा भूख हड़ताल की। इस मौक़ा पर मवाज़आत के तमाम नुमाइंदे जम्मू-ओ-कश्मीर पंचायत राज तहरीक के बैनर तले एक आवाज़ होकर जम्मू-ओ-कश्मीर हुकूमत से मुतालिबा किया कि रियासत में 73 वें तरमीम का इतलाक़ किया जाए।

यहां इस बात का तज़किरा भी दिलचस्प होगा कि उसे नुमाइंदे जिन का इंतेख़ाब गुज़शता साल ही अमल में आया था, उन्होंने मुख़्तलिफ़ बैनर्स थाम रखे थे और ऐसे ही एक बैनर पर तहरीर था जब रियासत में POTA और AFSPA की तौसीअ की जा सकती है तो फिर 73 वीं तरमीम की क्यों नहीं?

उन्होंने ये मुतालिबा भी किया कि पंचायत को मज़ीद बा इख्तेयार बनाया जाए क्योंकि अवाम जिनका इंतेख़ाब करते हैं अगर उन के पास कोई इख़्तेयारात ही ना हो तो वो अवाम की ख़िदमत क्यों कर सकते हैं ?

पंचायत राज इंतेख़ाबात को ज़ाइद अज़ एक साल हो चुका है, लेकिन हुकूमत ने हमें जो इख़्तेयारात दिए जाने का वायदा किया था, उन की तक़्मील हनूज़ बाक़ी है। इख़्तेयारात के बगै़र हम अवाम की ख़िदमात क्यों कर अंजाम दे सकते हैं और यही वजह है कि इख़्तेयारात का मुतालिबा करते हुए हमें सड़कों पर आना पड़ा।

भूख हड़ताल में हिस्सा लेने वाले एक सरपंच शाहनवाज़ सुलतान ने ये बात कही। उन्होंने इंतेबाह दिया कि अगर हुकूमत ने इन का मुतालिबा पूरा नहीं किया तो वो ग़ैर मुअय्यना मुद्दत की भूख हड़ताल करेंगे। हुकूमत को ऐसा भोंडा मज़ाक़ करने की क्या ज़रूरत है क्योंकि इस तरह उन लाखों अवाम की तौहीन की जा रही है, जिन्होंने पंचायती राज इंतेख़ाबातमीं अपने वोट्स का इस्तेमाल किया।

हुकूमत ने अगर इस मुआमला को संजीदगी से नहीं लिया तो इस के मनफ़ी नताइज सामने आ सकते हैं।

TOPPOPULARRECENT