Sunday , August 20 2017
Home / Delhi News / पति से अलग रह रही कमाने वाली महिला को पति से मेंटेनेंस नहीं- सुप्रीम कोर्ट

पति से अलग रह रही कमाने वाली महिला को पति से मेंटेनेंस नहीं- सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली। कामकाज के मामले में कोई दक्ष महिला अपनी देख-भाल खुद कर सकती है। पति से अलग रह रही एक चार्टर्ड अकाउंटेंट के गुजारे भत्ते के दावे को खारिज करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने यह बात कही। जस्टिस प्रदीप नंद्राजोग और जस्टिस प्रतिभा रानी की बेंच ने कहा, ‘गुजारे भत्ते का दावा करने वाली महिला एक क्वॉलिफाइड चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं और साल 2003 से ही प्रैक्टिस कर रही हैं। हिंदू मैरेज ऐक्ट के सेक्शन 24 के तहत उन्हें अंतरिम मेनटेनेंस देने की कोई जरूरत नहीं है।’

हालांकि ट्रायल कोर्ट ने महिला को 22,900 रुपये का मेनटेनेंस एक महीने के लिए देने का आदेश दिया था लेकिन अंतरिम मेनटेनेंस देने से इनकार कर दिया था। ट्रायल कोर्ट की भी दलील यही थी कि महिला पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं और वह खुद अपनी देख-भाल कर सकती हैं। महिला की याचिका के मुताबिक उनकी शादी साल 2005 में दिल्ली में हुई थी थी। अलग रह रहा पति इलेक्ट्रिकल इंजिनियर है और अपना बिजनस चलाता है। ‘मतभेदों’ की वजह से पति ने तलाक का केस दायर कर रखा है। महिला ने अपने और दो बच्चों के लिए अंतरिम मेनटेनेंस के तौर पर 3 लाख रुपये हर महीने दिए जाने की मांग की थी। उन्होंने मुकदमे के खर्च के तौर पर एक लाख रुपये और मांगे थे। ट्रायल कोर्ट में मुकदमा हार जाने के बाद महिला ने हाई कोर्ट में अपनी अपील में दावा किया कि वह महज 7000 रुपये महीने का कमा पाती हैं लेकिन अदालत ने इस दलील को ठुकरा दिया।

TOPPOPULARRECENT