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पप्पू यादव से नीतीश-लालू की मुश्किल बढ़ सकती है

पूर्णिया से एमपी और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के साबिक रुकन पप्पू यादव ने मंगल के रोज़ को नयी सियासी पार्टी जन अधिकार पार्टी (JAP) की तश्कील का ऐलान कर दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने पहले बिहार असेंबली में 60 से 80 सीटों पर इलेक्शन लड़ने

पूर्णिया से एमपी और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के साबिक रुकन पप्पू यादव ने मंगल के रोज़ को नयी सियासी पार्टी जन अधिकार पार्टी (JAP) की तश्कील का ऐलान कर दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने पहले बिहार असेंबली में 60 से 80 सीटों पर इलेक्शन लड़ने का फैसला किया था, लेकिन क्या 243 सीटों पर इलेक्शन लड़ा जाए, इस बारे में फैसला इस हफ्ते के आखिर में कर लिया जाएगा। पप्पू यादव के इस तेवर से साफ है कि वह बिल्वास्ता तौर पर एनडीए के करीब रहेंगे, जिससे जनता परिवार की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

पप्पू यादव को लालू प्रसाद यादव ने राष्ट्रीय जनत दल से निकाल दिया था। इसकी वजह यह थी कि लालू यादव ने यह ऐलान किया था कि उनका बेटा ही उनकी विरासत को संभालेगा, लेकिन पप्पू यादव ने खुलेआम उनके इस फैसले का एहतिजाज किया था। उन्होंने कहा, ‘लालू प्रसाद यादव को लगता है कि वह यादव और मुस्लिम वोट बैंक के मालिक हैं, जबकि नीतीश कुमार अपने पूरे करियर और इमेज को लालू प्रसाद को एक गैंगस्टर के तौर पर बताते हुए खड़ा करते रहे, अब उनके साथ गठजोड़ कर रहे हैं। मौकापरस्त का यह गठजोड़ हैरान कर देने वाला है।’

पप्पू यादव ने राहुल गांधी से अपील की कि वह इस नापाक इत्तेहाद से बाहर निकल आएं, जिसमें सिर्फ उनका इस्तेमाल किया जा रहा है। गौरतलब है कि यादव की बीवी रंजीता रंजन सुपौल से कांग्रेस की एमपी हैं। यादव ने प्पीएम मोदी के लिए नर्म रुख अपनाते हुए कहा कि साक्षी महाराज और योगी आदित्यनाथ जैसे लोग सरकार का ध्यान तरक्की के मुद्दे से दूर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी बिहार में महादलित या मुस्लिम सीएम की ताईद में है और उन्होंने साबिक सीएम जीतन राम मांझी के साथ इत्तेहाद से इनकार नहीं किया।

बिहार में तेज रफ्तार से बदल रहे सियासी वाकियात में पप्पू यादव और जीतन राम मांझी के तेवर बीजेपी को खूब अच्छे लग रहे होंगे। पप्पू यादव का दबदबा कोसी इलाके में है, जहां गुजश्ता लोकभा इंतेखाबात में बीजेपी को एक भी सीट पर कामयाबी नहीं मिली थी।

बीजेपी अच्छी तरह से समझ रही है कि पप्पू यादव और मांझी अपने-अपने इलाको में लालू और नीतीश के वोट बैंक में सेंध लगा देते हैं तो इसका फायदा सीधे उसे मिलेगा। पप्पू और मांझी इत्तेहाद कर इलेक्शन लड़ते हैं तो जनता परिवार की मुसीबत बढ़ जाएगी।

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