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पश्चिम बंगाल के जेलों में लगभग आधे कैदी मुसलमान हैं

जनसंख्या आधारित सर्वे 2011 के मुताबिक भारत के कुल आबादी में मुस्लिमों का प्रतिशत लगभग 14.3 फीसदी है। वहीं देश की आबादी के विपरीत देश के जेलों में मुस्लिमों का प्रतिशत कहीं ज्यादा है। एनसीआरबी के ताजा आंकडों पर निगाह डाले तो ये भारत में मुस्लिमों की हालात की भयावह तस्वीर पेश करते हैं। भारत के चार राज्यों मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में बंद किए गए मुस्लिम कैदियों का प्रतिशत 56.7 है।

सूचना के अधिकार कानून के तहत 30 से ज्यादा जेलों से जुटाए गए आंकड़े और केंद्रीय गृह मंत्रालय के सीधे अधीन काम करने वाली संस्था—राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों से जाहिर होता है कि मुसलमानों को जेल भेजने के मामले में सेकुलर-कम्युनल सरकारों में कोई खास फर्क नहीं है।

एनसीआरबी के ताजा आंकडों के मुताबिक पश्चिम बंगाल एक ऐसा राज्य है जहां मुस्लिम कैदियों का प्रतिशत सबसे ज्यादा है। पश्चिमी बंगाल में मुस्लिम आबादी 25 फीसदी है लेकिन राज्य की जेलों में अंडर ट्रायल और दोषियों मुस्लिम कैदियों की आबादी 48 फीसदी है।

सूचना के अधिकार कानून के तहत 30 से ज्यादा जेलों से जुटाए गए आंकड़े और केंद्रीय गृह मंत्रालय के सीधे अधीन काम करने वाली संस्था—राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों से जाहिर होता है कि मुसलमानों को जेल भेजने के मामले में सेकुलर-कम्युनल सरकारों में कोई खास फर्क नहीं है।

जेलों में मुस्लिम कैदियों के मामले में महाराष्ट्र दूसरे नंबर पर खड़ा नजर आता है। महाराष्ट्र की आबादी में मुस्लिमों का प्रतिशत 10 फीसदी है लेकिन जेलों में मुस्लिम कैदियों का प्रतिशत 34 फीसदी है।

गुजरात राज्य में 10 फीसदी आबादी के अनुपात में मुस्लिम कैदियों की संख्या दोगना से भी ज्यादा है। कारगार सांखिय्की 2011 का सर्वे के मुताबिक गुजरात के जेलों में 22 फीसदी मुस्लिम कैदी है।

पश्चिम बंगाल में जेल में कुल 5660 दोषियों सजा काट रहे हैं, 31 दिसंबर, इसमें से 2011 को किये गये सर्वे के अनुसार जिसमें हिंदुओं 2919, मुस्लिम 2595, सिख 6, ईसाई 126 हैं और अन्य लोगों के 15 हैं। अंडर ट्रायल कैदियों 13567 है। जिनमें से 7017 हिन्दू हैं, 6174 मुस्लिम, सिख, 17, 319 ईसाई और अन्य लोगों के 40 हैं। सर्वे ये भी कहता है कि मुस्लिम कैदियों पश्चिम बंगाल में 6174 के लिए 2010 में 5722 से वृद्धि हुई है।

पश्चिम बंगाल 6 केंद्रीय जेल है। अलीपुर केंद्रीय सुधार गृह, प्रेसीडेंसी सुधार गृह, दमदम केंद्रीय सुधार गृह, मिदनापुर सुधार गृह, जलपाईगुड़ी केंद्रीय सुधार गृह और बरहामपुर सुधार गृह है। इन जेलों में मुसलमान कैदियों की हालिया तस्वीर जानने के लिये आरटीआई कार्यकर्ता साबिर अहमद पश्चिम बंगाल के सुधारात्मक सेवा महानिरीक्षक के लिए एक मेल में लिखा था। उन्होंने आईजी ने इसका तफ्सील से जवाब भेजा है। आरटीआई दायर द्नारा हासिल किये जवाब की कॉपी टीसीएन के पास है जिसमें तफ्सील से पश्चिम बंगाल के 6 सेंट्रल जेलों के कैदियों का ब्योरा दिया गया था।

इसके मुताबिक इन जेलों में मुस्लिम कैदियों की संख्या हिंदू कैदियों की तुलना में दोगुना बढ़ी है। 2012 के लिए डेटा परीक्षण अवधि और दोषी के तहत 01.07.2012 पर के रूप में संकलित किया गया है।

2011 में पश्चिम बंगाल में 6 सेंट्रल जेलों में हिंदू कैदियों की संख्या 4645 थी वहीं मुस्लिम कैदियों की संख्या 4524 है। जेलों में हिंदू कैदियों 49% है वहीं मुस्लिमों का एक फीसदी कम 48% हैं।

मुर्शिदाबाद मुस्लिम आबादी के मामले में पश्चिम बंगाल में सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी वाले जिला है। यहां मुस्लिमों की आबादी का प्रतिशत 63.67 है। वहीं इस जिले के नजदीक बरहामपुर सुधार गृह में मुस्लिम कैदियों की संख्या हिन्दू कैदियों संख्या से दोगुनी है। 2011 में, हिंदू कैदियों 601 थे, जबकि 1134 में जेल में कैदियों के मुस्लिम शामिल हैं। 2010 में हिंदू कैदियों 649 थे।

जलपाईगुड़ी केवल 10.85% मुस्लिम आबादी के साथ पश्चिम बंगाल में सबसे कम मुस्लिम आबादी वाले जिलों में से एक है। जलपाईगुड़ी सेंट्रल जेल में मुस्लिम कैदियों, 33.37 प्रतिशत है।

राज्य में सच्चर समिति की रिपोर्ट के मुताबिक मुस्लिम आबादी 3% सरकारी नौकरियों में हैं दूसरी तरफ जेल के कैदियों में इनकी संख्या पश्चिम बंगाल में मुस्लिमों के हालात पर सोचने को मजबूर कर देती है।

जेलों में मुस्लिम कैदियों की संख्या के बारे में सेवानिवृत्त न्यायाधीश और राज्य अल्पसंख्यक आयोग की अध्यक्ष इम्तियाज अली शाह कहते हैं कि अल्पसंख्यक आयोग के लिये पश्चिम बंगाल के जेलों के ये आकड़े पर हमारी नजर है और हम इसके लिये फिक्रमंद भी हैं। हालात को बारिकी से समझने के लिये पश्चिमी बंगाल के कई सेंट्रल जेलों को उन्होंने दौरा किया। उनका कहना है कि अमूमन मुस्लिम कैदियों अदालती खर्चे वहन नहीं कर पाते हैं। अदालत में उनका अपना पक्ष रखने के लिये वकील का खर्चा उनसे वहन नहीं हो पाता। ऐसी स्थितियों को मद्दनेजर रखते हुए हम इस पर विचार कर रहे हैं कि इनकी न्यायिक प्र्क्रिया को सूचारु रुप से कैसे चलाया जाये।

लंबे समय तक लेफ्ट फ्रंट का गढ़ रहे पश्चिम बंगाल में हर चौथा व्यक्ति मुसलमान है, लेकिन दूसरा स्याह तथ्य ये भी है कि जेलों में लगभग आधे कैदी मुसलमान हैं। बंगाल में कभी किसी सांप्रदायिक पार्टी का राज  नहीं रहा। इन आकड़ो को बारीकी से समझे तो महाराष्ट्र में हर तीसरा तो उत्तर प्रदेश में हर चौथा कैदी मुसलमान है। यह स्थिति ठीक वैसी है जैसी अमेरिकी जेल में अश्वेत कैदियों की है। अमेरिकी जेलों में कैद 23 लाख लोगों में आधे अश्वेत हैं जबकि अमेरिकी आबादी में उनका हिस्सा सिर्फ 13 फीसदी है।

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