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पश्चिम बंगाल: गंगासागर भगदड़ में मारे गए लोगों के परिजनों के लिए 7-7 लाख रुपए मुआवजे का ऐलान

कोलकाता। गंगासागर में रविवार को भगदड़ मचने से छह तीर्थयात्रियों की मौत हो गयी और दस से अधिक लोग घायल हो गये। हादसा गंगासागर के कचुबेड़िया लॉन्च घाट पर हुआ. पांच नंबर जेटी पर शाम करीब 4.30 बजे घंटों लॉन्च का इंतजार कर रही भीड़ के सामने जैसे ही एक स्टीमर पहुंचा, उसमें सवार होने की जल्दबाजी में वहां भगदड़ मच गयी। धक्का-मुक्की में कुछ लोग गिर गये और उनके ऊपर से लोग भागने लगे। कुछ लोग भीड़ में बीमार हो गये।

जानकारी के मुताबिक, मृतकों में सभी महिलाएं हैं। हालांकि अभी तक इनकी शिनाख्त नहीं हो सकी है। घायलों में एक को कचुबेड़िया के अस्थायी अस्पताल में और दो को रुद्रनगर अस्पताल में भरती कराया गया है। छह घायलों को काकद्वीप अस्पताल में भरती करवाया गया है। राज्य के सुंदरवन मामलों के मंत्री मंटुराम पखीरा ने घटना की पुष्टि करते हुए जानकारी दी कि भगदड़ मचने से छह श्रद्धालुओं की मौत हुई है। हालांकि दक्षिण 24 परगना के एसपी सुनील कुमार चौधरी ने भगदड़ की बात से इनकार किया है। राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है। वहीं, प्रधानमंत्री की ओर से भी दो-दो लाख रुपये के मुआवजे का एलान किया गया।

गंगासागर मेले के समाप्त होने के बाद राज्य के जो प्रशासनिक अधिकारी वापस कोलकाता लौट रहे थे, वे घटना की खबर पाकर वापस गंगासागर पहुंचे। राज्य के पंचायत मंत्री सुब्रत मुखर्जी ने बताया कि गंगासागर मेले से लौटते वक्त यह हादसा हुआ. पांच नंबर जेटी पर बैरिकेड बनाया गया था। जैसे ही बैरिकेड हटा वहां लॉन्च में सवार होने के लिए एकाएक भगदड़ मच गयी।

पंचायत मंत्री का कहना है कि मेला स्थल व अन्य जगहों पर पुलिस की पर्याप्त व्यवस्था थी। जबकि प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक लॉन्च घाट पर भारी भीड़ को संभालने के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। लोगों को घंटों लॉन्च के लिए इंतजार करना पड़ रहा था। कई बार तो पांच-पांच घंटे तक उन्हें लॉन्च का इंतजार करना पड़ता है।

लॉन्च घाट पर इतनी भारी भीड़ को संभालने के लिए व्यवस्था के अपर्याप्त होने से यहां धक्का-मुक्की की स्थिति उत्पन्न होती है। इस वर्ष गंगासागर में 16 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे थे। माना जा रहा है कि तीर्थ यात्रियों की भीड़ अधिक होने की वजह से ही भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हुई।

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