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पहले अपने नेता मुलायम सिंह से पूछे ओम प्रकाश कि कौन बाहरी? दल नही विकल्प की लड़ाई— अतुल राय

शम्स तबरेज़, सियासत न्यूज़ ब्यूरो, लखनऊ।
ग़ाज़ीपुर: उत्तर प्रदेश की राजनीति ओम प्रकाश सिंह एक जानामाना नाम है, अखिलेश सरकार में पर्यटन मंत्री रह चुके ​ओम प्रकाश शिवपाल खेमें के माने जाते हैं। अखिलेश सरकार में मंत्री पद से बर्खास्त होने के बाद ओम प्रकाश का पहले अखिलेश ने टिकट काटा फिर दोबारा उनको टिकट दिया गया और इस बार वह फिर ज़मानियां विधानसभा से सपा के प्रत्याशी हैं।
ओम प्रकाश ने ​कहा था, ‘अपका दिमागी संतुलन ठीक नहीं’
सियासत लखनऊ ब्यूरो से दो दिन पहले सोमवार को हुई एक बातचीत में ओम प्रकाश ने अमर्यादित भाषा का प्रयोग करते हुए एक सवाल के जवाल में कहा कि ‘आपका मानसिक संतुलन ठीक नहीं।
मुलायम सिंह यादव से पूछे ओम प्रकाश कि कौन बाहरी?
ज़मानियां के बसपा प्रत्याशी अतुल राय को अपराधी और बाहरी कह कर ओम प्रकाश ने बाहरी और निवासी के तर्ज पर राजनीति शुरू कर ​दी है। इस बारे में बुधवार को अतुल राय से बात​ करते हुए अतुल राय ने साफ तौर पर कहा एक ही जनपद के दो विधानसभा से उनका सम्बन्धित होने के कारण ओम प्रकाश बाहरी का तमगा लगाकर अपनी बेचैनी स्पष्ट कर रहे हैं एवं बाहरी और भीतरी की बात करके चुनाव लड़ रहे हैं। ओम प्रकाश के अतुल राय को बाहरी कहे जाने के सवाल पर अतुल ने कहा सपा मुखिया मुलायम सिंह जब अपने जनपद हटकर आज़मगढ़ से चुनाव लड़ा तो ओम प्रकाश को अपने नेता से पूछना चाहिए था, कि बाहरी होकर क्यों चुनाव लड़ रहे हो? अतुल ने सियासत से ये भी कहा कि वो भी इसी मिट्टी से हैं और बारा—बीरपुर भाई है, जिनका आपस में रिश्ता है, ये ओम प्रकाश मन में हार की बेचैनी है।’
अपराधी कहे जाने पर अतुल का ओम प्रकाश को जवाब


अतुल राय को अपराधी कहे जाने के सवाल पर अतुल ने जवाब कहा कि पहले ओम प्रकाश अपने गिरेबान में झांकर नहीं देख रहे, बल्कि दूसरो पर आरोप लगा रहे हैं, जो कार्य न्यायपालिका का है वो खुद कर रहे हैं। अतुल राय ने सियासत से बात करते हुए ये भी कहा कि ओम प्रकाश का घमण्ड बोल रहा है, जो इतना बढ़चढ़ कर बोल रहे हैं और जनता वोटिंग करके बहुजन समाज पार्टी को जीत को ओर ले जा रही है।
ज़मानियां के रोड की हकीकत
सड़क के मामले में बात करते हुए अतुल राय ने कहा कि तारीघाट—बारा रोड राज्य सरकार की सड़क है और पीडब्ल्यूडी उसको बनवा रही है। अगर ये रोड केन्द्र के अधीन है तो ओम प्रकाश ने उस रोड का बारा में शिलान्यास क्यों किया।
अतुल राय ने कहा कि ये लड़ाई दल की नहीं बल्कि विकल्प की लड़ाई है सारे लोग ओम प्रकाश के 5 साल के क्रिया—कलाप और कार्यशैली से आजिज़ आ गए है और लोग अब इनसे मुक्ति चाहते हैं, जिसका एक ही विकल्प है और वो केवल बहुजन समाज पार्टी है।’
राजनीति में सच और झूठ का चोली—दामन का साथ है, शायद यही वजह है एक रोड के मामले में नेता से लेकर विधायक तक बड़ी—बड़ी बाते कर रहे और यही वजह है कि एक रोड को सच और झठ के पैमाने पर तौल रहे हैं। आने वाले 11 तरीख तय करेगा कि ज़मानियां का मुस्तकबिल क्या होगा?

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