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पहले फ़ील्डिंग ,टीम का मुत्तफ़िक़ा फ़ैसला था : अज़हर-उद-दीन

नई दिल्ली 19 नवंबर (पी टी आई एजैंसीज़) हिंदूस्तानी क्रिकेट टीम के साबिक़ कप्तान मुहम्मद अज़हर-उद-देन ने साथी खिलाड़ी विनोद कांबली की जानिब से 1996 -के वर्ल्डकप के सेमीफाइनल मुक़ाबला को फिक्स्ड क़रार देने पर बिलआख़िर ख़ामोशी तोड़ते हुए ना सिर

नई दिल्ली 19 नवंबर (पी टी आई एजैंसीज़) हिंदूस्तानी क्रिकेट टीम के साबिक़ कप्तान मुहम्मद अज़हर-उद-देन ने साथी खिलाड़ी विनोद कांबली की जानिब से 1996 -के वर्ल्डकप के सेमीफाइनल मुक़ाबला को फिक्स्ड क़रार देने पर बिलआख़िर ख़ामोशी तोड़ते हुए ना सिर्फ शदीद रद्द-ए-अमल का इज़हार किया बल्कि कहा कि ईडन गार्डन में श्रीलंका के ख़िलाफ़ खेले गए सेमीफाइनल में टॉस जीत कर मेज़बान का पहले फ़ील्डिंग करने का फ़ैसला टीम का मुत्तफ़िक़ा फ़ैसला था क्यों कि टॉस जीतने के बाद टीम इजलास में ये तै पाया था कि हिंदूस्तान पहले फ़ील्डिंग करेगा।

हैदराबादी बैटस्मैन और टीम के साबिक़ कप्तान मुहम्मद अज़हर-उद-देन ने सख़्त अलफ़ाज़ में ये भी कहाकि विनोद कांबली टीम इजलास में यक़ीनन सो रहे थ। अज़हर-उद-देन ने टी वी चिया नल सी एन एन । आई बी उन से इज़हार-ए-ख़्याल करते हुए कहाकि कांबली का इल्ज़ाम बेबुनियाद है नीज़ उन्हें मज़कूरा सेमीफाइनल में पहले फ़ील्डिंग के फ़ैसला पर कोई अफ़सोस नहीं। अज़हर-उद-दीन के बमूजब पहले फ़ील्डिंग करने का फ़ैसला टीम का मुत्तफ़िक़ा फ़ैसला था क्यों कि ये टीम इजलास में तै पाया था जिस पर तमाम खिलाड़ी मुत्तफ़िक़ थे लिहाज़ा मुझे इस फ़ैसला पर कोई अफ़सोस नहीं और इस के मुताल्लिक़ श्रम महसूस करने की भी कोई वजह नहीं।

विनोद कांबली ने जो कुछ कहा वो बेबुनियाद है। नीज़ यक़ीनन वो टीम इजलास में सो रहे थ। अज़हर-उद-देन ने कहाकि श्रीलंका के ख़िलाफ़ हम ना सिर्फ निशाना का तआक़ुब करना चाहते थे बल्कि इस मुक़ाबला में कुछ अलग करने का भी हमारा मंसूबा था। साबिक़ कप्तान ने मज़ीद कहाकि इस फ़ैसला के मुताल्लिक़ अवाम का इस्तिफ़सार मायूसकुन है नीज़ कांबली ने इस तरह का ब्यान दे कर अपनी पस्त ज़हनीयत का सबूत दिया है। अज़हर-उद-देन ने मज़ीद कहाकि विनोद कांबली ने कई मवाक़े पर कहाकि अज़हर-उद-दीन बेहतरीन कप्तान हैं जिन की क़ियादत में, मैंने खेला है लेकिन आज उन्हों ने जो ब्यान दिया वो यक़ीनन बचकाना है।

अज़हर-उद-देन ने अपने ब्यान के इख़तताम मैं कहाकि मैच फिक्सिंग का मुक़द्दमा हाइकोर्ट में रवां है और जिस वक़्त इस मुक़द्दमा से उन्हें बरी किया जाएगा उस वक़्त हर एक के सामने सच्चाई खुल कर आजाएगी और मेरी शख़्सियत इन इल्ज़ामात से मुतास्सिर नहीं होगी बल्कि ख़ुद कांबली अपने आप को क़सूरवार तसव्वुर करेंगे। वाज़िह रहे गुज़श्ता रोज़ विनोद कांबली ने टेलीविज़न चिया नल को दिए गए अपने एक इंटरव्यू में इल्ज़ाम लगाया था कि 1996 -के वर्ल्डकप का श्रीलंका के ख़िलाफ़ खेला गया सेमीफाइनल मुक़ाबला फिक्स्ड था।

हिंदूस्तानी क्रिकेट टीम के साबिक़ बैटस्मैन जोकि 1996 -ए-वर्ल्डकप उसको एड के एक अहम खिलाड़ी थ, उन्हों ने टॉस जीतने के बाद पहले फ़ील्डिंग करने के अज़हर-उद-दीन के फ़ैसला को मैच फिक्सिंग क़रार देते हुए एक सनसनी फैलाने की कोशिश की। कांबली के बमूजब मज़कूरा सेमीफाइनल में जहां बैटिंग के लिए विकेट साज़गार थी इस पर फ़ील्डिंग के फ़ैसला से वो हैरतज़दा होगए। पहले बैटिंग करते हुए श्रीलंका ने हिंदूस्तान को कामयाबी के लिए 252 रंज़ का हदफ़ मुक़र्रर किया था और हिंदूस्तानी टीम की जवाबी इन्निंग का आग़ाज़ नाक़िस हुआ था जैसा कि इस वक़्त के ओपनर नवजोत सिंह सिद्धू को 8 रंज़ के स्कोर पर चमिंदा वास ने आउट किया था लेकिन सचिन तनडोलकर ने मैदान पर एक बेहतर इन्निंग खेलते हुए हिंदूस्तान को कामयाबी की सिम्त आगे बढ़ाया था

लेकिन सुन्नत जुए सूर्य की जादूई बौलिंग ने मेज़बान टीम को 98/1 से 120/8 तक पहूँचा दिया था जिस के बाद कोलकता के क्रिकेट शायक़ीन ग़म-ओ-ग़ुस्सा से बेक़ाबू होकर मैदान पर बोतलें फेंकना शुरू किए थे जिस के बाद मैच को कुछ देर के लिए रोक दिया गया था और बिलआख़िर उस वक़्त के मैच रैफ़री कलाईओ लॉयड ने मेहमान टीम को फ़ातिह क़रार दिया था। हिंदूस्तानी क्रिकेट तारीख़ में मेज़बान टीम के लिए ये इंतिहाई मायूसकुन शिकस्त थी और इस शिकस्त के बाद ख़ुद कांबली मैदान में अपने जज़बात पर क़ाबू ना रखते हुए रो पड़े थ।

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