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पांच हजार रुपये में मिल रहा इंजीनियरिंग का सर्टिफिकेट

शहर के पत्रकार नगर थाना इलाक़े के विजयनगर, साकेतपुरी और एलआइजी में साइबर कैफे की आड़ में जाली सर्टिफिकेट और मार्क शीट बनाने का धंधा किया जा रहा था। यह सनसनीखेज खुलासा उस वक़्त हुआ जब पुलिस ने इन जगहों पर चल रहे साइबर कैफे में छापेमार

शहर के पत्रकार नगर थाना इलाक़े के विजयनगर, साकेतपुरी और एलआइजी में साइबर कैफे की आड़ में जाली सर्टिफिकेट और मार्क शीट बनाने का धंधा किया जा रहा था। यह सनसनीखेज खुलासा उस वक़्त हुआ जब पुलिस ने इन जगहों पर चल रहे साइबर कैफे में छापेमारी की। पुलिस ने गिरोह के सरगना समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने इन लोगों के पास से काफी महज़ में मैट्रिक, इंटर,ग्रेजुएशन का मार्कशीट, पटना यूनिवर्सिटी और मगध यूनिवर्सिटी के ग्रेजुएशन का सर्टिफिकेट, कोचिन यूनिवर्सिटी ऑफ सायंस एंड टेक्नोलॉजी का बीटेक का मार्कशीट, माइग्रेशन सर्टिफिकेट, कंप्यूटर, प्रिंटर, स्कैनर, स्टांप, 24 हजार नकद, नौ मोबाइल फोन वगैरह बरामद किया गया है। इस सिलसिले में पत्रकार नगर थाने में कांड नंबर 249 तारीख 28 नवंबर 13 आइपीसी की धारा 420/465/467/468/471/474/120 बी/34 के तहत सनाह दर्ज की गयी है।

गाहक बन पुलिस ने पकड़ा

एसएसपी मनु महाराज को साइबर कैफे की आड़ में जाली तालीमी दस्तावेज बनाने की जानकारी जैसे ही मिली, उन्होंने फौरन ही सिटी एसपी जयंतकांत कि कियादत में सदर डीएसपी मुत्तफीक अहमद, पत्रकार नगर थाना इंचार्ज संजीव शेखर झा की एक खुसुसि टीम तशकील कर दी। इस टीम में शामिल दो पुलिस ओहदेदारों को उन साइबर कैफे में सर्टिफिकेट और मार्कशीट का गाहक बना कर भेजा। दोनों पुलिस ओहदेदारों ने उन साइबर कैफे से जब सर्टिफिकेट और मार्कशीट हासिल कर लिया, तो तुरंत ही इसकी इत्तिला एसएसपी और सिटी एसपी को दी। जानकारी मिलते ही टीम ने एक साथ सभी साइबर कैफे पर छापेमारी।

इन साइबर कैफे के एख्तेताम ने एक दर्जन से ज़्यादा दलालों को रखा था। जिन्हें भी इस तरह के दस्तावेज की जरूरत होती थी, वे इन दलालों के जरिये से ही साइबर कैफे तक आते थे। आमतौर पर ये किसी गाहक को अपने साइबर कैफे में नहीं ले जाते थे। उन्हें किसी भी इलाके में बुला कर उनके तरफ से मांगे गये सरर्टिफिकेट दे दिये जाते और तय कीमत ले ली जाती थी। जाली सर्टिफिकेट बनानेवाले गिरोह ने साइबर कैफे के जरिये से मैट्रिक पास कराने के साथ ही इंजीनियर बनाने की दुकान खोल रखी थी। बस इन लोगों कि तरफ से मुकर्रर कीमत दीजिए और सर्टिफिकेट और मार्कशीट साथ ले जाइए। पहले भी जाली दस्तावेज बनानेवाले ऐसे ही एक गिरोह को कंकड़बाग पुलिस ने एमआइजी से पकड़ा था। उन लोगों के पास से भी काफी महज़ में दस्तावेज, वोटर आइ कार्ड, स्टांप वगैरह बरामद किया गया था।

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