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पाकिस्तान के नए वज़ीर-ए-आज़म (प्रधान मंत्री) को भी बरतरफ़ किया जा सकता है : मीडीया

पाकिस्तान के मारूफ़ अख़बार न्यूज़ इंटरनेशनल ने आज अपने ईदारीए में एक ऐसे सयासी नुक्ते की तरफ़ निशानदेही की है जो यक़ीनन हर पाकिस्तानी शहरी को अंदेशों में मुबतला कर सकता है। इदारे के मुताबिक़ पाकिस्तान में आइन्दा इंतिख़ाबात तक

पाकिस्तान के मारूफ़ अख़बार न्यूज़ इंटरनेशनल ने आज अपने ईदारीए में एक ऐसे सयासी नुक्ते की तरफ़ निशानदेही की है जो यक़ीनन हर पाकिस्तानी शहरी को अंदेशों में मुबतला कर सकता है। इदारे के मुताबिक़ पाकिस्तान में आइन्दा इंतिख़ाबात तक एक दो नहीं बल्कि कई वुज़राए आज़म आया राम गया राम की तरह होंगे।

साबिक़ वज़ीर-ए-आज़म (प्रधान मंत्री) यूसुफ़ रज़ा गिलानी को हटाने के लिए क़ानूनी तौर पर तीन माह से कुछ ज़ाइद का अर्सा लगा तो नए वज़ीर-ए-आज़म (प्रधान मंत्री) परवेज़ अशर्फ़ को हटाने के लिए शायद इस से भी कम अर्सा लगे। ईदारीए के मुताबिक़ गिलानी को बरतरफ़ करने कोई नई सूरत-ए-हाल पैदा नहीं हुई है बल्कि मिस्टर अशर्फ़ के लिए भी वही सूरत-ए-हाल पैदा होगी या की जा रही है।

यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने चूँकि सुइस हुक्काम (अधिकारी) को ज़रदारी के ख़िलाफ़ मुआमलात की बाज़ कुशादगी के लिए मकतूब तहरीर करने से इनकार कर दिया था लिहाज़ा उन्हें तहक़ीर अदालत का मुर्तक़िब क़रार दिया गया लेकिन परवेज़ अशर्फ़ को भी सुइस हुक्काम (अधिकारी) को मकतूब तहरीर करने के लिए 15 दिनों की मोहलत दी गई है।

अगर वो चाहते हैं कि इन के ख़िलाफ़ भी तहक़ीर अदालत की नोटिस जारी ना की जाय। अख़बार के मुताबिक़ गिलानी को बर्ख़ास्त करने के लिए जहां तीन माह से कुछ ज़ाइद का अर्सा लगा वहीं परवेज़ अशर्फ़ अंदरून छः हफ़्ता ख़ुद को मुल्ज़िमीन के कटहरे में खड़ा पाएंगे बशर्ति केअदालती कार्रवाई तेज़ी से चलाई जाय।

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