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पाकिस्तान में अनक़रीब बेहतर हालात की क़वी उमेद

डाउस - 28 जनवरी( पी टी आई ) पाकिस्तानी वज़ीर-ए-ख़ारजा हिना रब्बानी खुर ने कहा कि पाकिस्तान का असल मसला आज़ादी इज़हार राय या आज़ाद अदलिया नहीं बल्कि असल मसला ग़ुर्बत है, मग़रिबी हुकूमतों ने पाकिस्तान और अरब ममालिक में हमेशा आमिरों की

डाउस – 28 जनवरी( पी टी आई ) पाकिस्तानी वज़ीर-ए-ख़ारजा हिना रब्बानी खुर ने कहा कि पाकिस्तान का असल मसला आज़ादी इज़हार राय या आज़ाद अदलिया नहीं बल्कि असल मसला ग़ुर्बत है, मग़रिबी हुकूमतों ने पाकिस्तान और अरब ममालिक में हमेशा आमिरों की पुश्तपनाही की है ।

वो स्विटज़रलैंड में आलमी इक़तिसादी फ़ोर्म में जमहूरीयत के फ़रोग़ पर मुनाक़िदा एक मुबाहिसे में सवाल-ओ-जवाब की नशिस्त से ख़िताब कर रही थीं। इस मुबाहिसे में शरीक लोगों ने इन से मुख़्तलिफ़ सवाल किए हैं जिन के उन्होंने बाअज़ के मुख़्तसरन और बाअज़ के तफ़सील के साथ जवाब दीए।

हिना खुर का कहना था कि पाकिस्तान में जमहूरीयत को पनपने केलिए ज़्यादा वक़्त नहीं मिला, पाकिस्तान के मसाइल इतने घमबीर ना होते ,अगर जमहूरीयत को मज़बूती मिलती क्योंकि मग़रिबी हुकूमतों ने हमेशा अपने मख़सूस मुफ़ादात की ख़ातिर पाकिस्तान और अरब मुल्कों में आमिरों की पुश्तपनाही की और जमहूरीयत को नज़रअंदाज किया। इन मग़रिबी हुकूमतों ने हमारे मुल्क में जमहूरी हुकूमतों की इतनी हिमायत नहीं कि जितनी उन्हों ने आमिरों की ,

इस सवाल पर कि क्या अदलिया ज़रूरत से ज़्यादा आज़ाद है उन्हों ने कहा कि वो एसा समझती हैं कि पाकिस्तान में मुंतख़ब हुकूमत के दौरमें इदारे अपनी अपनी हदूद का ताय्युनकर रहे हैं और उन्हें उम्मीद है कि अनक़रीब हालात बेहतर हूजाएंगे

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