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पाकिस्तान में बन रहे हैं फौजी हुकूमत के हालात

नई दिल्ली, 16 जनवरी: दिन ब दिन नाजुक हो रहे राजनीतिक हालात के चलते पाकिस्तान में एक बार फिर फौजी हुकूमत की हालात बनते जा रहे हैं। हालांकि एलओसी पर पाक फौज की हरकतों से उपजे तनाव के बीच पाकिस्तान के बदलते अंदरूनी हालात पर हुकूमत की गह

नई दिल्ली, 16 जनवरी: दिन ब दिन नाजुक हो रहे राजनीतिक हालात के चलते पाकिस्तान में एक बार फिर फौजी हुकूमत की हालात बनते जा रहे हैं। हालांकि एलओसी पर पाक फौज की हरकतों से उपजे तनाव के बीच पाकिस्तान के बदलते अंदरूनी हालात पर हुकूमत की गहरी नजर है।

हिंदुस्तान ने साफ साफ इशारा दिया है कि पाकिस्तान में बदलते सयासी माहौल का असर हिंदुस्तान के कड़े रुख पर नहीं पड़ेगा। भारत-पाक के ताल्लुक से जुड़े माहिरों और साबिक सिफारतकारो की भी यही राय है कि एलओसी पर पाकिस्तान की बर्बर करतूतों के रद्दे मल में हुकूमत की ओर से उठाए जाने वाले कड़े कदमों को पीछे नहीं खींचना चाहिए।

हिकमत अमली के माहिर और खुफिया महकमा आईबी के साबिक डायरेक्टर अजीत डोभाल ने कहा कि वैसे तो वहां के वज़ीर ए आज़म राजा परवेज अशरफ को गिरफ्तार करने का पाक सुप्रीम कोर्ट का हुक्म उनका अंदरूनी मामला है। लेकिम हिंदुस्तान के लिए फिक्र का मौजू यह है कि शिया लीडर कादरी के दबाव और वज़ीर ए आज़म की गिरफ्तारी के हुक्म से पैदा हुए नाजुक हालात का फायदा जनरल कियानी उठा सकते हैं।

कियानी इस साल रिटायर होने वाले हैं। इसलिए इस इम्कान को खारिज नहीं किया जा सकता है कि जनरल कियानी पाकिस्तान की सत्ता को अपने हाथ में लेकर अपनी मुद्दत को बढ़ाने का ऐलान कर दें। ऐसे में हुकूमत ए हिंदुस्तान को वहां के हालात पर नजर रखने के साथ अपने कड़े रुख पर कायम रहने की जरूरत है। वरना पाकिस्तानी सेना और उपद्रव कर सकती है।

साबिक सेक्रेटरी खारेज़ा (Former Foreign Secretary) सचिव शशांक ने भी डोभाल से सहमति जताते हुए कहा कि पाकिस्तान के अंदरूनी हालात हमेशा इसी तरह गैर मुस्तहकम रहते हैं। ऐसे में हिंदुस्तान को अपनी पालिसी में पाकिस्तान के मुताबिक बदलाव करना मुनासिब नहीं होगा।

शशांक के मुताबिक डिप्लोमेसी का यही तकाजा है कि हिंदुस्तान एलओसी के वाकिया पर अपने कड़े रुख पर कायम रहे। हालांकि शशांक ने यह भी कहा कि हुकूमत और फौज को अपने-अपने सतह पर बातचीत भी जारी रखना चाहिए क्योंकि हम इस सच्चाई को बदल नहीं सकते कि पाकिस्तान जेग्रोफायी ( Geographic/ भौगोलिक) लिहाज से पड़ोसी है।

हिंद-पाक रिश्तों के स्ट्रेटेजिक (Strategic) माहिर मारुफ रजा के मुताबिक पाकिस्तान के साबिक फौजी हुक्मरान परवेज मुशर्रफ को बर्खास्त करने के बाद वहां का सुप्रीम कोर्ट नया पावर सेंटर बन कर उभरा है। अब उसने आवाम के चुने वज़ीर ए आज़म की गिरफ्तारी का हुक्म दिया है। वहां की फौज के साथ अब इस नए पावर सेंटर का उभरना हिंदुस्तान के लिए फिक्र का मौजू है।

पाकिस्तान की तारीख को देखते हुए ऐसा लग रहा है कि चुनी हुई हुकूमत के खतरे में पड़ने से फौजी हुकूमत अपना कब्जा जमाएगा। खास तौर पर जनरल कियानी की मंशा भांपना अभी बहुत मुश्किल है। मारूफ रजा के मुताबिक हिंदुस्तान के पालिसी साजों को यह ध्यान में रखना होगा कि परवेज मुशर्रफ के जाने के बाद कियानी की एक नजर लगातार हिंदुस्तान पर बनी हुई है।

——– बशुक्रिया: अमर उजाला

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