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पाकिस्तान में मंदिरों की सुरक्षा के लिए एक नया क़दम

हैदराबाद: प्रांतीय सरकार ने अल्पसंख्यकों के धार्मिक भावनाओं का ख्याल रखते हुए धार्मिक अल्पसंख्यकों के आराधना स्थलों के संरक्षण के लिए पाकिस्तान के सिंध प्रांत की सरकार सीसीटीवी लगाएगी। आपको बता दें बीते दो साल में सिंध के लरकाना, हैदराबाद और अन्य जिलों में मंदिरों पर हुए हिंसक हमलों के मद्देनजर पाकिस्तान पीपल्स पार्टी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी ने ‘अल्पसंख्यकों के आराधना स्थलों पर पूरी सुरक्षा’ देने का वादा किया था। उसी वादे पर खड़ा उतरने के लिए इस परियोजना को तैयार किया गया। गौरतलब है कि पाकिस्तान के ज्यादातर हिंदू, लगभग 93 फीसदी, सिंध प्रांत में ही रहते हैं। जो प्रांत की कुल आबादी के 8.5 फीसदी हैं।

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डॉन ने सिंध के मुख्यमंत्री के विशेष सहायक खतुमाल जीवन के हवाले से लिखा है, ‘प्रांतीय सरकार ने एक परियोजना शुरू की है जिसमें मंदिरों, गिरजाघरों और गुरुद्वारों में निगरानी कैमरे लगाए जाएंगे। इससे इन स्थानों पर सुरक्षा काफी कड़ी हो जाएगी।’

जनसत्ता के अनुसार सिंध पुलिस ने हिंदू, सिखों और इसाईयों समेत धार्मिक अल्पसंख्यकों के 1,253 आराधना स्थलों को चिन्हित किया है। इसमें हिंदुओं के 703 मंदिर, 523 गिरजाघर, अहमदी समुदाय के 21 स्थल और छह गुरूद्वारे शामिल हैं। इन स्थानों की सुरक्षा में कुल 2,310 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। हालांकि अधिकारी इसे भी अपर्याप्त मानते हैं।

उल्लेखनीय है कि यहां के मंदिरों, गुरुद्वारों और गिरजाघरों में से कुछ सैकड़ों साल पुराने हैं और पहले आगजनी जैसे हमलों का सामना कर चुके हैं। अधिकारियों ने बताया कि 40 करोड़ रुपए की इस महत्वाकांक्षी परियोजना में प्रमुख तौर पर खर्च निगरानी कैमरों की खरीद में किया जाएगा। इन्हें पूरे सिंध प्रांत के आराधना स्थलों पर लगाया जाएगा।

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