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पाकिस्तान से सीमा पार आतंकवाद और घुसपैठ बंद करने की मांग

DERAA, AUG 17:- Free Syrian army fighters stand atop of a hill as the moon is seen in the background in the south of Nawa city, in Deraa Governorate, Syria August 16, 2016. Picture taken August 16, 2016. REUTERS-16R

नई दिल्ली: भारत ने आज पाकिस्तान की मझतमदीन विदेश स्तर की बातचीत कश्मीर के विषय पर आयोजित करने की पाकिस्तान के प्रस्ताव को ठुकरा दिया और कहा कि वह सीमा पार से आतंकवाद और जम्मू-कश्मीर में अवैध घुसपैठ पर चर्चा के लिए तैयार है कश्मीर पर नहीं। पाकिस्तान के सचिव विदेश सम्मान अहमद चौधरी के निमंत्रण पर प्रतिक्रिया देते हुए सचिव विदेश भारत एस जयशंकर ने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का आंतरिक मामला है। पाकिस्तान से इस पर चर्चा नहीं की जा सकती। हालांकि सीमा पार आतंकवाद से संबंधित घटनाओं पर चर्चा के लिए भारत तैयार है।

उनका यह जवाब भारत के उच्चायुक्त इस्लामाबाद गौतम बॉम्बे वाले पाकिस्तान के हवाले कर दिया। सीमा पार आतंकवाद से संबंधित पहलू जम्मू-कश्मीर में वर्तमान स्थिति का मुख्य कारण हैं। इसलिए हमने सुझाव दिया है कि दोनों विदेश बातचीत का फोकस यही होना चाहिए। इससे पाकिस्तान को अवगत करवा दिया गया है। भारत सरकार ने पूरे अपने उद्देश्यों की पूर्ति करने वाले आरोप खारिज कर दिए हैं जो जम्मू-कश्मीर की स्थिति के बारे में है। क्योंकि राज्य कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और पाकिस्तान को इस बारे में कहने का कोई अधिकार नहीं है।

सोमवार को पाकिस्तान ने भारत को कश्मीर के विषय पर चर्चा के लिए आमंत्रित किया था। इस निमंत्रण आपसी संबंध में दोनों देशों के बीच इस मुद्दे पर मौखिक पुनरावृत्ति और आपसी संबंधों में तनाव के दौरान रवाना किया गया था। पिछले सप्ताह पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के सलाहकार कृपया विदेश मामलों सरताज अजीज के निमंत्रण के बारे में टिप्पणी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भारत ने स्पष्ट कर दिया था कि वह केवल समकालीन और प्रासंगिक मुद्दों पर यानी हिन्द.पाक संबंधों पर बातचीत करेंगे। इस समय पाकिस्तान के समर्थकों को सीमा पार से आतंकवाद बंद करने की मांग की गई थी।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास सूरोप ने कहा कि भारत किसी भी समकालीन और संबंधित मुद्दों पर चर्चा का स्वागत करेगा जो सीमा पार से आतंकवाद और घुसपैठ बंद करने का मुद्दा विषय हो जैसे बहादुर अली जैसे आतंकवादियों को घुसपैठ के लिए भेजा जा रहा है। सीमा पार से अंतरराष्ट्रीय सिद्ध आतंकवादियों जैसे हाफिज सईद और सैयद सलाहुद्दीन को हिंसा और आतंकवाद भड़काने की अनुमति दी जा रही है।

मुंबई हमला मामले की गंभीरता से पालन करें और पठानकोट हमला पाकिस्तान में परलोस जांच की जरूरत है। भारत और पाकिस्तान कश्मीर की स्थिति पर मौखिक पुनरावृत्ति में व्यस्त हैं जहां अनुकूलन मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वाणी की पिछले महीने हत्या के बाद बेचैनी फैली हुई है। वाणी को पाकिस्तान की ओर से शहीद घोषित किया गया है जो कश्मीर समस्या को अंतरराष्ट्रीय बनाने की कोशिश की। जबकि भारत का दावा है कि पाकिस्तान हटाइये संरक्षण आतंकवाद कश्मीर घाटी में अशांति का मुख्य कारण है।

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