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वेतन में इज़ाफ़ा चाहिए तो नमाज़ की पाबन्दी जरूरी : चीफ जस्टिस

PARIS, FRANCE - SEPTEMBER 16: Muslims take part in Friday prayers outside an old fire station barracks converted for the purpose on September 16, 2011 in Paris, France. A ban on street prayers has been brought into effect across France as of today, with Muslim men and women having to seek alternative spaces in which to practise their religious activities. The move has generated anger within elements of the French muslim population, already restricted in their display of religious symbols, and is viewed by many as a political move by President Sarkozy to attract support from far-right supporters within the French public ahead of the 2012 French presidential elections. (Photo by Franck Prevel/Getty Images)

इस्लामाबाद। पाकिस्तान के एक शीर्ष न्यायाधीश ने कहा है कि पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) के अदालतकर्मियों को अदालत और उसके बाहर रोजाना समय पर नमाज पढ़नी होगी। उनकी सालाना वेतन वृद्धि तय समय पर नमाज पढ़ने पर ही निर्भर होगी।

 

 

एक्सप्रेस ट्रिब्यून की खबर के मुताबिक पीओके के सुप्रीम कोर्ट के 12वें मुख्य न्यायाधीश की शपथ लेने वाले न्यायमूर्ति इब्राहिम जिया ने अदालतकर्मियों को अदालत और नमाज के समय का पालन सुनिश्चित करने का आदेश दिया है।

 

उन्होंने कहा कि अदालत कर्मचारियों की सालाना वेतन वृद्धि अब निर्धारित समय पर नियमित रूप से नमाज पढ़ने पर निर्भर करेगी। उन्होंने घोषणा की कि नमाज का अदा करना अदालत के सभी कर्मचारियों के लिए अनिवार्य है। इस्लाम की शिक्षा के मुताबिक दिन में पांच बार नमाज पढ़ना मुसलमानों के लिए फ़र्ज़ किया गया है।

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