Friday , October 20 2017
Home / Uttar Pradesh / पानी में फ्लोराइड और आयरन की मिकदार ज़्यादा

पानी में फ्लोराइड और आयरन की मिकदार ज़्यादा

रांची 7 मई : झारखंड के तमाम अज़ला का ज़ेरेज़मीं पानी आलूदा होता जा रहा है। ज़मीं में पानी के म़यार की हालत यह है कि इसमें कहीं फ्लोराइड, कहीं आर्सेनिक, कहीं नाइट्रेट तो कहीं आयरन की मिकदार ज़्यादा पायी जा रही है। यह काफी चौकाने वाला म

रांची 7 मई : झारखंड के तमाम अज़ला का ज़ेरेज़मीं पानी आलूदा होता जा रहा है। ज़मीं में पानी के म़यार की हालत यह है कि इसमें कहीं फ्लोराइड, कहीं आर्सेनिक, कहीं नाइट्रेट तो कहीं आयरन की मिकदार ज़्यादा पायी जा रही है। यह काफी चौकाने वाला मामला है। यह रिपोर्ट हुकूमत के पानी वसायल महकमा की है। रिपोर्ट के मुताबिक, पानी आलूदा इसलिए हो रहा है, क्योंकि नाइट्रेट और भारी महज़ में धातुएं ज़मीनी साइंस वाकियात और इंसानी तशकील कारनामों जैसे कानकनी, सनअत और फज्ला जाया करने की वज़ह से पैदा हो रहे हैं।

11 जिले में नाइट्रेट ज़्यादा
झारखंड के तकरीबन सभी जिले के ज़मीनी पानी खराब हैं। गोड्डा, बोकारो, गिरिडीह, पलामू, गुमला, रामगढ़ और रांची जिले में फ्लोराइड की मिकदार 1.5 मि ग्राम/ली से ज़्यादा है, वहीं गोड्डा, पाकुड़, चतरा, गढ़वा, गुमला, लोहरदगा, पलामू, मशरिकी सिंहभूम, मग्रीबी सिंहभूम, रांची और साहिबगंज में 45 मिग्रा/ली से ज़्यादा नाइट्रेट पायी गयी है। इसी तरह देवघर, चतरा, मशरिकी सिंहभूम, गिरिडीह, रांची और ज़ुनुबी सिंहभूम जिले में ज़मीनी पानी में 1.0 मिग्रा/ली से ज़्यादा आयरन की मिकदार है। ये जो आदाद व शुमार हैं किम्याई बीआइएस मयार से ज़्यादा रिपोर्ट किये गये हैं। यह रिपोर्ट मर्क़ज़ी ज़मीं पानी बोर्ड ने जमा किया है। यह जायज़ा साल में एक बार कराया जाता है।

हुकूमत ने पेश की थी रिपोर्ट

रिपोर्ट के मुताबिक मुख्तलिफ साइंस मुताले और ज़मीं पानी के म़यार निगरानी के दौरान पैदा खारापन, फ्लोराइड, लौह, नाइट्रेट और भारी धातुओं जैसे शीशे से आलूदगी है. मुल्क के 19 रियासतों में फ्लोराइड की ज़्यादा तादाद, 20 रियासतों में नाइट्रेट की ज़्यादा तादाद और 23 रियासतों में आयरन की ज़्यादा तादाद है। 21 मार्च 2013 को सांसद निशिकांत दुबे की जानिब से पूछे गये सवाल के रोशनी में मर्क़ज़ी वजीर ने जानकारी सदन में दिया था।

लेकिन उन्होंने यह वाजेह नहीं किया कि पश्मंदा इलाके में महफूज़ ज़मीनी पानी की दस्त्याबी को यकीनी बनाने के लिए कोई मंसूबा तैयार की गयी है या नहीं। इस मामले में वजीर ने गोल-मटोल जवाब दे दिया। वजीर ने खराब पानी का इलाज करने में नाकामी जतायी है। और कहा है कि इन इलाके में असलाही अक्दमात में वाटर सप्लाय के ऐवजी सोर्स फराहम कराने पर जोर दिया जा रहा है।

TOPPOPULARRECENT