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पीएम मोदी ने माना, नोटबंदी का फैसला सबसे बड़ी गलती

नई दिल्ली: नोटबंदी के लगभग एक महीने बाद अब प्रधानमंत्री मोदी को समझ में आया कि इस फैसले से आम लोग कितना परेशान हैं. पीएम ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव के साथ 19 नवंबर को एक मीटिंग में कहा कि बिना सोचे समझे 1000 और 500 के नोटो को बंद करके उन्होने एक बहुत बड़ी भूल कर दी.

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नेशनल दस्तक के अनुसार, चंद्रशेखर राव पीएम से नोटबंदी के बाद तेलंगाना में नए नोट ना होने से हो रही भारी परेशानी को बताने के लिए मिले थे. तेलंगाना के हालात बहुत खराब थे जिसका असर हैदराबाद समेत पूरे राज्य पर पड़ रहा था. पुराने नोट बदलने के लिए कतारों में बहुत लोग खड़े थे जिसके बाद पैसा बहुत जल्दी खत्म हो गया था. मोदी और चंद्रशेखर के बीच मीटिंग 25 मिनट के लिए होनी तय थी. लेकिन ये मीटिंग पूरे डेढ़ घंटे तक चली. चंद्रशेखर राव ने कहा कि औद्योगिक और कृषि क्षेत्र की स्थिति बहुत बुरी होती जा रही है. उसने पीएम से तेलंगाना में इस तरह के एक अनिश्चित स्थिति को देखते हुए कहा कि, राज्य केंद्र को टैक्स और अन्य राजस्व के अपने हिस्से का भुगतान करने में सक्षम नहीं हो पायेगा.

सूचीबद्ध शिकायतों के बाद प्रधानमंत्री ने स्वीकार किया कि नोटबंदी अपने आप में एक बड़ी भूल है और इन्हें लागु करने से पहले बहुत ध्यान देना चाहिए था. ये पहला अवसर है जब मोदी ने नोटबंदी पर अपनी गलती स्वीकार की है, वरना प्रधानमंत्री मोदी ने सार्वजनिक रूप से नोटबंदी के फैसले का पूरी तरह से बचाव किया है. इस कदम के खिलाफ विरोध करने वालों को पीएम ने भ्रष्ट भी कहते रहे हैं.

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नोटबंदी के बाद संसद में सवालों का जवाब देने से लगातार बचते नजर आ रहे हैं. विपक्ष के हंगामे के बावजूद भी वे संसद में चर्चा को तैयार नहीं हैं. हालांकि चुनावी रैलियों में लगातार नोटबंदी के फायदे और विपक्ष के नुकसान लोगों को गिना रहे हैं. नोटबंदी के फैसले को भले ही वे लोगों के सामने सही ठहरा रहे हैं लेकिन उन्हें मालूम है कि यह फैसला उनकी भयंकर भूल के कारण हुआ है.

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