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पुजारा और विजय‌ की सेंचुरियाँ ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ हिंदूस्तान मुस्तहकम

हैदराबाद 4 मार्च : ओपनर मुरली विजय‌ और चेतेश्वर पुजारा की धुआँ धार बैटिंग ने ऑस्ट्रेलिया के जारिहाना हमलों को कमज़ोर कर दिया । इस तरह हिंदूस्तान ने दूसरे क्रिकेट टेस्ट मैच पर आज अपना मुकम्मल कंट्रोल क़ायम करलिया । पुजारा ने अपनी चौथी टेस्ट सेंचुय‌री मुकम्मल की और वो आज के खेल के इख़तताम पर 162 रन के इन्फ़िरादी स्कोर पर खेल रहे थे । विजय‌ ने भी आज अपनी दूसरी टेस्ट सेंचुय‌री बनाई ।

खेल के इख़तताम पर इन का नीजी स्कोर 129 रंस‌ था । इन दोनों खिलाड़ियों ने दूसरे विकेट की साझेदारी में रिकार्ड 294 रन बनाते हुए दूसरे दिन के खेल के खत्म‌ तक हिंदूस्तान को 311 रंस‌ के इतमीनान बख़श-ओ-मुस्तहकम स्कोर पर पहूँचा दिया । इन दोनों जवाँसाल खिलाड़ियों ने 1986 -ए-के दौरान सिडनी में सुनील गवासकर और महेंद्र अमरनाथ की रिफ़ाक़त में बनाए गए 244 रन का रिकार्ड भी तोड़ दिया ।

हिंदूस्तान ने अपनी हरीफ़ टीम ऑस्ट्रेलिया पर अगरचे 74 रन की सकत हासिल करलिया है लेकिन वो मज़ीद भारी स्कोर बनाना चाहता है । जहां ऑस्ट्रेलिया के बैटस्मेन की रसाई मुम्किन ना होसके । वाज़ह रहे कि खेल के आग़ाज़ पर हिंदूस्तान ने 27 ओवर्स में सिर्फ़ 49 रंस‌ का इज़ाफ़ा किया था लेकिन इसके इन दोनों बैटस्मेन ने इंतिहाई अच्छा अंदाज़ फ़िक्र अपनाते हुए दीगर दो मरहलों में 257 रन का इज़ाफ़ा किया ।

पहला मरहला अगर इस्तिहकाम पर मर्कूज़ था तो दूसरे दो मरहले के दौरान बोलरों पर बैटस्मेन के हमलों में शिद्दत पैदा करने तवज्जो मर्कूज़ की गई थी । पोजारा और विजय‌ ने इंतिहाई तेज‌ अंदाज़ में बैटिंग की और अक्सर गेंदों पर चौके छक्के लगाते हुए ऑस्ट्रेलिया के फील्डरस को सारे मैदान पर इधर उधर भाग दौड़ पर मजबूर कर दिया ।

इस तरह आज के खेल के आग़ाज़ के मौके पर ऑस्ट्रेलियाई बोलर्स की तरफ़ से शुरू करदा मुनज़्ज़म और जैसे ही इस नपी तली बौलिंग का सिलसिला टूट गया । हिंदूस्तानी बैटस्मेन को पीछे मुड़ कर देखने का मौक़ा ही नहीं मिला । इस तरह वो तेज़ रफ़्तार रंस‌ जोड़ने में मसरूफ़ होगए और ऑस्ट्रेलियाई बोलरों के हौसले पस्त होगए ।

मुरली विजय‌ ने 288 गेंदों का सामना करते हुए 17 चौके और दो छक्के लगाया । पुजारा ने 251 गेंदों का सामना करते हुए 25 चौके लगाया और पटरसीडल की गेंद पर शानदार छक्का लगाते हुए अपने 150 रन मुकम्मल किया । स्वराष्टरा का ये खिलाड़ी बाअज़ मुश्किल गेंदों का ब आसानी से सामना करते हुए अपनी ग़ैरमामूली महारत का मुज़ाहरा किया जिस पर उन्हें शाएक़ीन की ज़बरदस्त दाद हासिल हुई ।

हेनरीकोइज़क एक परेशानकुन गेंद पर उन्होंने परफ़ेक्ट पोज़ीशन लेते हुए शानदार शॉट लगाया । कई उठती हुई गेंदों को बख़ूबी घुमा दिया । अगरचे इन दोनों खिलाड़ियों ने आज के खेल के पहले मरहले को ऑस्ट्रेलियाई बोलर्स को हर तरह से आज़माने की कोशिश की । जिस में पुजारा पूरी तरह मुतमईन नज़र आरहे थे लेकिन विजय‌ उनके मुक़ाबले किसी क़दर फ़िक्रमंद नज़र आरहे थे ।

ताहम बाद में विजय‌ ने भी अपने खेल को मुतास्सिर कुन अंदाज़ में सँभाल लिया । पस-ओ-पेश तर्क करते हुए पूरे एतिमाद के साथ जारिहाना खेल का आग़ाज़ किया और पुजारा का साथ निभाया । एक मरहले पर ये दोनों खिलाड़ी 73 रंस‌ के इन्फ़िरादी स्कोर पर थे लेकिन पुजारा अचानक पाँच चौके लगाते हुए उनसे बहुत आगे निकल चुके थे और बहुत कम वक़्त में इनका स्कोर 90 रंस‌ होचुका था ।

गुलवीन मैक्सवेल की गेंद पर उन की सेंचुय‌री मुकम्मल होगई जिस को पूरा करने के लिए उन्हें 188 गेंदों का सामना करना पड़ा था । जबकि मुरली विजय‌ ने 245 गेंदों का सामना करते हुए अपने टेस्ट कैरीज़ की दूसरी सेंचुय‌री बनाई । जिस के साथ ही उनके चेहरा पर राहत का एहसास वाज़ह तौर पर अयाँ होचुका था ।

अलावा अज़ीं अपनी सेंचुय‌री पर ख़ामोशी के साथ ख़ुशी मनाने वाले पुजारा के बरख़िलाफ़ विजय‌ ने इंतिहाई जज़बाती अंदाज़ में अपनी सेंचुय‌री पर ख़ुशी का इज़हार क्या । इस तरह मिल‌यन डालर ब्वॉय मैक्सवेल ( 10 ओवर में 0/55 ) और बाएं हाथ के स्पिनर ज़ीवईर डोबरटी ( 26 ओवर्स में 0/85 ) के साथ खेलने से मुताल्लिक़ ऑस्ट्रेलिया का मंसूबा फ़ायदा के बजाय नुक़्सानदेह साबित होगया ।

पुजारा और विजय‌ के लिए मैक्सवेल लुक़मा तर साबित हुए जिन की बौलिंग पर इन दोनों ने ख़ूब रन बनाया । पहले मरहले में पीटरसीडल को सिर्फ़ एक कामयाबी मिली जब उन्होंने फ़ार्म से महरूम वीरेंद्र सहवाग का विकेट हासिल किया । इसतरह दूसरे दिन के खेल के आग़ाज़ के सिर्फ़ 23 वीं मिनट में सहवाग पवेलियन लौट गए ।

बौलिंग के महाज़ पर अगरचे मैक्सवेल और ज़्यो नय्यर डू हरकी जैसे दोनों ही स्पिनरस बुरी तरह नाकाम रहे लेकिन ऑस्ट्रेलिया के दीगर तीन बोलरों पीटरसीडल जिस में पीटनन और ऑल राउनडर मोईसीस हेनरीकोईस ने खेल को बड़ी हद तक अपने क़ाबू में रखा जिस के नतीजे में हिंदूस्तान लंच के वक़फ़ा तक एक विकेट के नुक़्सान से सिर्फ़ 54 रन बना सका था । सहवाग जो 18 माह पहले तक भी मैच में कामयाबी के ज़ामिन खिलाड़ी समझे जाते थे ।

उन्हों ने इंतिहाई खराब‌ खेल का मुज़ाहरा किया है । वो गुजिश्ता छः मैचों में महज़ 16.50 के औसत से सिर्फ़ 99 रन बनासके हैं । पुजारा और विजय‌ ने अगरचे बेहतर अंदाज़ में चौके और छक्के लगाए सिंगलज़ के लिए विकेट के दरमयान दौड़ने में इन दोनों खिलाड़ियों के माबैन ताल मेल का फ़ुक़दान रहा ।

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