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पुराना शहर में कई तरक़्क़ियाती प्रोजेक्ट्स तक़रीब संगे बुनियाद तक ही महदूद

हैदराबाद 6 जून, ( नुमाइंदा ख़ुसूसी ) : रियासत में जो भी हुकूमतें इक़्तेदार में आती हैं पुराने शहर को तारीख़ी शहर तहज़ीब और तमद्दुन का मर्कज़ हैदराबाद की पहचान और एक से एक सताइशी कलिमात अदा करने से गुरेज़ नहीं करतीं लेकिन हुकूमतों को

हैदराबाद 6 जून, ( नुमाइंदा ख़ुसूसी ) : रियासत में जो भी हुकूमतें इक़्तेदार में आती हैं पुराने शहर को तारीख़ी शहर तहज़ीब और तमद्दुन का मर्कज़ हैदराबाद की पहचान और एक से एक सताइशी कलिमात अदा करने से गुरेज़ नहीं करतीं लेकिन हुकूमतों को शायद पुराने शहर को तरक़्क़ी याफ़्ता और ख़ुशहाल बनाने के लिए इक़दामात करने में शर्म महसूस होती है ।

यही वजह है कि पुराना शहर में साल 2006 और 2011 में कांग्रेस हुकूमतों ने तरक़्क़ी और ख़ुशहाली का इन्क़िलाब बरपा कर देने यहां स्कूलों और तालीमी इदारों , तिब्बी सहूलतों,कुतुब ख़ानों , प्राइमरी हेल्थ सेंटरों और दीगर तरक़्क़ियाती प्रोजेक्ट्स का नेटवर्क फैला देने के एलानात और बुलंद बाँग दावे किए एक जून 2013 को चीफ मिनिस्टर किरण कुमार रेड्डी ने टोली चौकी में उबूरी पूल की तामीर का संगे बुनियाद रखा।

इस मौक़ा पर उन्हों ने कहा कि 46 करोड़ रुपये की लागत से ये उबूरी पुल तामीर किया जा रहा है और अंदरून 18 माह इस तामीरी काम की तकमील हो जाएगी । आप को बतादें कि अगर ये पूल तामीर हो जाता है तो टोली चौकी ,मेह्दीपटनम , लंगरहौज़,गच्ची बावली और अतराफ़ो अकनाफ़ के इलाक़ों में ट्रैफिक बहाव में ग़ैरमामूली बेहतरी आएगी,

लेकिन अब यहां ये सवाल पैदा होता है कि इस प्रोजेक्ट का भी वही हाल होगा । क़ारईन वाज़ेह रहे कि हल्क़ा असेंबली चंदरायन गुट्टा में उप्पूगुड़ा रेलवे पटरियों ( कन्दीकल गेट) में 2 अक्टूबर 2006 को वाई एस आर ने फ़ुट ओवर ब्रिज की तामीर का एलान किया था लेकिन 2011 में किरण कुमार रेड्डी की हुकूमत में इस के काम की शुरूआत हुई।

उस वक़्त बताया गया था कि सिर्फ़ एक साल में फ़ुट ओवर ब्रिज तैयार हो जाएगा लेकिन अब भी इस फ़ुट ओवर ब्रिज का काम अधूरा पड़ा है । 23 जून 2011 को एन किरण कुमार रेड्डी ने ख़िलवत मल्टी लेवल पार्किंग मोती गली का संगे बुनियाद रखा और एलान किया कि 35 करोड़ की लागत से 14 माह में इस मल्टी लेवल पार्किंग की तामीर अमल में आएगी।

लेकिन अब तक इस के काम की शुरूआत ही ना हो सकी । उस वक़्त यही कहा जा रहा था कि इस काम्प्लेक्स में 440 कारें और 250 स्कूटर्स की पार्किंग की जा सकेगी लेकिन पुराने शहर के लोगों के लिए ये पार्किंग एक ख़ाब बन गई है।

बहरहाल ये चंद प्रोजेक्ट्स हैं जिस का चीफ मिनिस्टर किरण कुमार रेड्डी ने एलान किया था लेकिन उन की अभी तक तकमील ना हो सकी । ऐसे में टोली चौकी में उबूरी पुल की तामीर का संगे बुनियाद रखा जाना कई शकूक और शुबहात को जन्म देता है।

अवाम के ज़हनों में ये सवालात उठ रहे हैं कि आया टोली चौकी उबूरी पूल के प्रोजेक्ट का हश्र भी मज़कूरा प्रोजेक्ट्स की तरह तो नहीं होगा?

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