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पुलिस ने बच्चे को दिया इलेक्ट्रिक शॉक – जूतों से पीटा

लखनऊ, 07 फरवरी: ‘मैं अपने घर के पास के शिव मंदिर में रोज प्रसाद खाने जाता हूं। उस दिन भी गया था, लेकिन कुछ लोगों ने मुझे चोर बताकर पकड़ा और घर ले आए। वहां से पुलिस के पास ले गए। मैं चिल्लाता रहा कि मैंने कुछ नहीं किया लेकिन...

लखनऊ, 07 फरवरी: ‘मैं अपने घर के पास के शिव मंदिर में रोज प्रसाद खाने जाता हूं। उस दिन भी गया था, लेकिन कुछ लोगों ने मुझे चोर बताकर पकड़ा और घर ले आए। वहां से पुलिस के पास ले गए। मैं चिल्लाता रहा कि मैंने कुछ नहीं किया लेकिन… किसी ने नहीं सुनी। पुलिस ने मुझे हवालात में बंद किया और रात भर मारा और चोरों का पता पूछते रहे।

मुझे नहीं मालूम था, कौन चोर हैं? इसलिए कुछ नहीं बता सका। फिर उन्होंने मेरे कान पर बिजली के तार लपेटे और करंट देने लगे। पहले 8-10 बार करंट दिया। मैं चिल्लाता रहा, रोता रहा, वो नहीं रुके। उन्होंने मुझे काफी देर तक करंट दिया और जूतों से मारा।’

यह दर्दनाक कहानी साढ़े पांच साल के उस मासूम की है, जिसे लखनऊ पुलिस ने चोरी के इल्जाम में पकड़कर गैर इंसानी तकलीफ दी। यह वाकिया आलमबाग के विजयनगर का है और यह करतूत कृष्णानगर पुलिस की है। मासूम अब भी सदमे में है। बुध के दिन उसे किशोर न्याय बोर्ड के सामने पेश किया गया, जहां उसकी हालत देख बोर्ड ने उसे फौरन जमानत पर रिहा करने का हुक्म दिया। वाकिया के बाद से घर् वाले सहमे हुए हैं और सदमे में है।

कृष्णानगर पुलिस ने दो फरवरी को में हुई एक चोरी के इल्जाम में क्लास एक में पढ़ रहे सुदीप (बदला हुआ नाम) को गिरफ्तार किया। सुदीप के वालिद बताते हैं कि कुछ लोग घर में सुदीप को लेकर आए और यह कहते हुए फिर उठाकर पुलिस के पास ले गए कि उसने चोरी की है।

वो रात 1:30 बजे तक कृष्णानगर पुलिस थाने में अपने बच्चे से मिलने के लिए बैठे रहे लेकिन उन्हें बच्चे से मिलने नहीं दिया। वे बाहर बैठे रहे और अंदर उनके कलेजे के टुकड़े को पुलिस वाले बुरी तरह पीट रहे थे। उसकी चीखें वालदैन बर्दाश्त न कर सके और पुलिस वालों के सामने गिड़गिड़ाने लगे। पुलिस ने उनकी एक न सुनी और वहां से भगा दिया।

अगले दिन उन्होंने वकील से राबिता किया और चालान कटवा कर सुदीप को घर लाए। इस दौरान पाया कि उसकी जैकेट खून से सनी हुई है, कनपटी से खून रिस रहा है। उससे चला नहीं जा रहा था। सुदीप के माता-पिता रोते हुए बताते हैं कि उनके बच्चे ने चोरी नहीं की है। पुलिस अब भी उन्हें तंग कर रही है।

कृष्णानगर थाने के इंस्पेक्टर रामसनेही यादव का कहना है कि लोगों ने दो फरवरी की रात सुदीप को एक तकरीब में चोरी करते पकड़ा था। उसकी पिटाई करके थाने लाकर पुलिस को सौंपा था। पुलिस ने शहरियों की तरफ से उसकी गिरफ्तारी की लिखा-पढ़ी की और तिब्बी मुआयना कराने के बाद किशोर न्याय बोर्ड के सामने पेश किया। उसकी न तो थाने में पिटाई की गई और न ही परेशान किया गया।

—-‍‍‍ बशुक्रिया:अमरउजाला‍‍‍

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