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पूर्व मंत्री हरिनारायण राय को सात साल की सजा, संपत्ति जब्त करने का आदेश

रांची: प्रिवेंशन ऑफ मनी लाउंड्रिंग एक्ट के विशेष न्यायाधीश बीके तिवारी की अदालत ने पूर्व मंत्री हरिनारायण राय को सात साल सश्रम कारावास की सजा सुनायी है. पांच लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है. जुर्माने की रकम अदा नहीं करने पर डेढ़ साल अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी पड़ेगी. अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (इडी) को हरिनारायण की संपत्ति जब्त करने का आदेश दिया. पीएमएलए की अदालत ने देश में पहली बार किसी मामले में सजा सुनायी है. हरिनारायण राय पर गलत तरीके से 4.33 करोड़ रुपये कमाने और उसे जायज करार देने के लिए अलग-अलग हथकंडे अपनाने का आरोप लगा था.

सुनवाई के दौरान 3.72 करोड़ रुपये का आरोप साबित हुआ है. आय से अधिक संपत्ति के मामले में सीबीआइ की अदालत ने दिसंबर में उन्हें पांच साल की सजा सुनायी थी. इसके बाद से हरिनारायण राय बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में बंद हैं.

पूर्व मंत्री हरिनारायण राय सोमवार को दिन के करीब 2.30 बजे विशेष न्यायाधीश की अदालत में पेश हुए. दिन के करीब एक बजे उन्हें जेल से कोर्ट परिसर लाया गया था. अदालत में पेश होने के बाद न्यायाधीश ने हरिनारायण राय को तीन करोड़ 72 लाख 74 हजार 116 रुपये की मनी लाउंड्रिंग तहत दोषी करार दिया. पूर्व मंत्री को अदालत ने पीएमएलए की धारा चार के तहत दोषी पाया था. इसके बाद सजा के बिंदु पर सुनवाई शुरू की.

इडी के वकील एसआर दास ने हरिनारायण राय को अधिक से अधिक सजा देने की अपील की. वहीं, हरिनारायण राय के अधिवक्ता ने कम सजा देने की अपील की. सजा के बिंदु पर सुनवाई के बाद अदालत ने हरिनारायण राय को सात साल सश्रम कारावास की सजा सुनायी. अदालत ने पीएमएलए की धारा आठ के तहत हरिनारायण राय की ओर से अर्जित संपत्ति को भी जब्त करने का आदेश दिया.

रांची और देवघर में अर्जित संपत्ति होगी जब्त. पूर्व में ही इडी ने हरिनारायण के हरमू स्थित मकान को जब्त कर लिया है. इसकी लागत 1.14 करोड़ थी. देवघर के बंपास टाउन स्थित मकान और सोनारायढड़ी स्थित मकान को अस्थायी रूप से जब्त किया गया है. पूर्व मंत्री से संबंधित महामाया और मां गौरी कंस्ट्रक्शन की संपत्ति को भी अस्थायी रूप से जब्त किया गया है. इन्हें स्थायी रूप से जब्त करने का मामला दिल्ली स्थित एड्जुकेटिंग अथॉरिटी की अदालत में चल रहा है.

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