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पेट्रोल की क़ीमतों में प्रती लीटर 7.54 रुपया कि बढोतरी

* आधी रात से नई क़ीमत लागु, बहुत जरूरी फ़ैसला, पेट्रोलियम मंत्री जय‌ पाल रेड्डी की मुदाफ़अत, जनता की शदीद ब्रहमी

* आधी रात से नई क़ीमत लागु, बहुत जरूरी फ़ैसला, पेट्रोलियम मंत्री जय‌ पाल रेड्डी की मुदाफ़अत, जनता की शदीद ब्रहमी
नई दिल्ली । अब तक कि सब से बडी बढोतरी करते हुए पैट्रोल की क़ीमतों में आज 7.54 रुपया प्रती लीटर का बढावा कर दिया गया। ये पिछले 6 माह में पैट्रोल की क़ीमतों में पहला बढावा है।

दिल्ली में पैट्रोल की क़ीमत में 7.54 पैसे बढावा हो गया और इस की नई क़ीमत 73.18 हो गई। इस बढाइ हुइ क़ीमत पर आज आधि रात से अमल शुरु होगा। सरकार कि मिल्कियत वाली तेल कंपनीयों ने कहा कि अलाहीदा तौर पर उन की तरफ‌ से इसी के बराबर एलान किया जाएगा। पैट्रोल की क़ीमत में ये अब तक कि सब से बडी बढोतरी है।

पिछली बार‌ सब से बडी बढोतरी 5 रुपया प्रती लीटर कि गयी थी। तेल कंपनीयों ने दो बार 5 रुपया प्रती लीटर बढोतरी के लिए आवाज़ उठाई थी। 15 मई 2011 को जबकि दिल्ली में पेट्रोल की क़ीमतें बढ़ा कर 58.37 रुपया प्रती लीटर से 63.37 रुपया प्रती लीटर होगई थी और 24 मई 2008 को पैट्रोल की क़ीमत में बढावा करके उसे 50.56 रुपया प्रती लीटर कर दिया गया था।

हुकूमत ने पैट्रोल की क़ीमत को जून 2010 से अपने कंट्रोल से आज़ाद कर दिया था, लेकिन क़ीमतों में पिछ्ली बढोतरी पिछ्ले साल 4 नवंबर को कि गयी थी हालाँकि तेल की क़ीमत में 14.5 फ़ीसद और रुपया की क़दर में अमेरीकी डालर के मुक़ाबिल 3.2 फ़ीसद कमी आई थी।

मुंबई में पेट्रोल की क़ीमत 78.57 रुपया प्रती लीटर होगी जबकि अभी ये 70.66 रुपया प्रती लीटर है। कोलकता में बढावा 7.85 रुपया प्रती लीटर होगा जिस की वजह से पेट्रोल की क़ीमत 77.88 रुपया प्रती लीटर हो जाएगी।

चेन्नाई में क़ीमत में 7.98 रुपया प्रती लीटर बढावा होगया है और मौजूदा क़ीमत 77.53 रुपया प्रती लीटर हो गई है।

कल सेंट्रल पेट्रोलियम मंत्री एस जय‌ पाल रेड्डी ने कहा था कि रुपया की क़ीमत में कमी पैदा होने की वजह से ईंधन की क़ीमतों में तुरंत बढावा करना जरूरी होगया था, लेकिन डीज़ल, केरोसीन और पकवान गैस की क़ीमतों को बढाने के बारे में अभी तक कोइ बात चित‌ नहीं की गई। जैसा कि आला इख़तियारी वज़ारती कमेटी ने जिस के सदर मर्कज़ी वज़ीर फैनान्स परनब मुकर्जी हैं और जिस में यू पी ए की बहुत हि अहम ओर मददगार‌ पार्टीयां जैसे टी एम सी और डी एम के के नुमाइंदे शामिल हैं, जिस की मीटींग लगभग‌ एक साल पहले मुनाक़िद कि गयी थी। डीज़ल, केरोसीन और पकवान गैस की क़ीमतों में इस से पहले पिछ्ले साल जून में बढावा किया गया था। अगर रुपया की क़ीमत में अमेरीकी डालर के मुक़ाबला में ओर जयादा कमी पैदा हो तो तेल कंपनीयों को सालाना 8 हज़ार करोड़ रुपया का नुक़्सान होगा।

जय‌ पाल रेड्डी ने कल कहा था कि कल रुपया की क़ीमत में अमेरीकी डालर के मुक़ाबले में 55 रुपया की कमी आई। पिछ्ले साल ये 46 रुपया थी, जिस की वजह से 72 हज़ार करोड़ रुपया का नुक़्सान हुआ। हुकूमत की मिल्कियत वाली तेल कंपनीयां जिन्हें 31 मार्च 2012 को ख़त्म‌ होने वाले माली साल में 4860 करोड़ रुपया का नुक़्सान पेट्रोल की फ़रोख़त पर बर्दाश्त करना पड़ा था। अभी 6.28 रुपय प्रती लीटर पेट्रोल पर नुक़्सान बर्दाश्त कररही हैं, जिस में 20 फ़ीसद वेट‌ भी शामिल है।

पैट्रोल की क़ीमत में दिल्ली में कुल बढावा 7.54 रुपया प्रती लीटर होगया था। पेट्रोल की फ़रोख़त पर रोज़ाना 512 करोड़ रुपया का तेल कंपनीयों को नुक़्सान हो रहा था।इस के इलावा डीज़ल, घरेलू पकवान गैस और केरोसीन की फ़रोख़त पर भी तेल कंपनीयों को नुक़्सान हो रहा है। चुनांचे डीज़ल पर 55.35 रुपया प्रती लीटर, केरोसीन पर 32.98 रुपया प्रती लीटर और 14.2 किलोग्राम घरेलू पकवान गैस के हर सलेंडर पर 479 रुपया नुक़्सान हो रहा है। टोटली एतबार से 3 तेल कंपनीयों को 138541 करोड़ रुपय माली साल 2011-12-के दौरान नुक़्सान होचुका है। चुनांचे मुल्क के अंदरून के हालात कि वजह से ये मुम्किन नहीं था कि पैट्रोल की क़ीमत फ़रोख़त में तबदीली ना की जाये। इस के इलावा इंटनेशनल‌ सतह की क़ीमतों के बराबर‌ भी उसे नहीं लाया जा सकता था।

इंडियन ऑयल कंपनी, भारत पेट्रोलीयम और हिंदूस्तान पेट्रोलीयम को पिछ्ली बार‌ 4651 करोड़ रुपय नुक़्सान हो चुका है। होने वाले नुक़्सानात के सबब‌ तेल कंपनीयां पेट्रोल की क़ीमत में 6.28 रुपया प्रती लीटर जिस में टेक्स‌ शामिल नहीं हैं। आज आधी रात‌ से बढावा पर मजबूर होगई हैं। हुकूमत तेल कंपनीयों को ईंधन की क़ीमतों में बढावे की सयासी वजूहात की बिना पर इजाज़त नहीं दे रही थी। सरकारी मिल्कियत वाली तेल कंपनीयों ने मुतालिबा किया था कि टाइमपरवरी पेट्रोलीयम से तैयार होने वाली चीजों की क़ीमत में भी बढावा किया जाये क्योंकि इस पर भी उन्हें सब्सीडी की बिना पर नुक़्सान होरहा है।

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