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पेशगी इंतिबाह के बावजूद पाकिस्तानी बहरीया हवाई अड्डा के तहफ़्फ़ुज़ से क़ासिर

ईस्लामाबाद । 10 जनवरी (पी टी आई) पाकिस्तानी ओहदेदार बहरीया के हवाई अड्डा महरान का तहफ़्फ़ुज़ करने से क़ासिर रहे हालाँकि इस के बारे में पेशगी इंतिबाह दिया गया था। हुकूमत को 2009 से इलम था कि अलक़ायदा क़ौमी दिफ़ाई यूनीवर्सिटी ईस्लामा

ईस्लामाबाद । 10 जनवरी (पी टी आई) पाकिस्तानी ओहदेदार बहरीया के हवाई अड्डा महरान का तहफ़्फ़ुज़ करने से क़ासिर रहे हालाँकि इस के बारे में पेशगी इंतिबाह दिया गया था। हुकूमत को 2009 से इलम था कि अलक़ायदा क़ौमी दिफ़ाई यूनीवर्सिटी ईस्लामाबाद और बहरीया की तंसीबात पर हमला का मंसूबा रखती है।इस के बावजूद बहरीया के हवाई अड्डा महरान वाकै कराची का तहफ़्फ़ुज़ नहीं किया गया।

बहरीया के जूनियर ओहदेदार मुहम्मद इसरार-उल-हक़ को जिन का कोर्ट मार्शल किया गया और क़ौमी दिफ़ाई यूनीवर्सिटी और बहरीया की अहम तंसीबात जैसे बहरीया के हेडक्वार्टर्स वाकै ईस्लामाबाद को सिलसिला वार हमलों का निशाना बनाने की साज़िश का मुजरिम क़रार देते हुए 15 साल सज़ाए क़ैद सुनाई गई। रोज़नामा डॉन ने आज इत्तिला दी कि ओहदेदार के एतराफ़ी ब्यान के बमूजब अलक़ायदा क़ौमी दिफ़ाई यूनीवर्सिटी पर हमला करने और सीनीयर ओहदेदारों को यरग़माल बनाने की साज़िश कररहा था ताकि उन्हें ज़ेर-ए-हिरासत अस्करीयत पसंदों की रिहाई की सौदेबाज़ी के लिए इस्तिमाल करसके।

ज़बरदस्त मुसल्लह दहश्तगरदों के एक ग्रुप ने 2009-ए-में फ़ौज के जनरल हेडक्वार्टर्स वाकै रावलपिंडी पर हमला किया और कई फ़ौजी ओहदेदारों को यरग़माल बना लिया। इस हमला और इस इलम के बावजूद कि मज़ीद हमलों की मंसूबा बंदी की गई है। हुकूमत और फ़ौज के ओहदेदार बहरीया के महरान हवाई अड्डा पर हमला को नाकाम बनाने से क़ासिर रहे। गुज़शता साल सहाफ़ी सय्यद सलीम शहज़ाद का अग़वा और क़तल किया गया क्योंकि उन्हों ने चंद दिन क़बल मज़मून तहरीर किया था कि अलक़ायदा बहरीया की सफ़ों में घुसने में कामयाब होगया है।

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