Friday , September 22 2017
Home / India / पोलावरम बांध को लेकर हंगामा

पोलावरम बांध को लेकर हंगामा

रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज विधायक अमित जोगी और बस्तर क्षेत्र के कांग्रेस पार्टी के विधायकों ने क्षेत्र में बन रहे पोलावरम बांध को लेकर जमकर हंगामा मचाया जिससे सदन की कार्यवाही बाधित हुई।

विधानसभा में आज विधायक अमित जोगी और कांग्रेस के अमरजीत भगत ने पोलावरम बांध निर्माण से उत्पन्न स्थिति की ओर जल संसाधन मंत्री का ध्यान आकषिर्त किया।

जोगी और भगत ने कहा कि पोलावरम बांध आंध्रप्रदेश की इंदिरा सागर अंतरराज्यीय परियोजना है। सन 1980 में गोदावरी ट्रिब्यूनल में निर्देश हुआ था कि मध्यप्रदेश और आंध्रप्रदेश के जल का बंटवारा होगा तथा गोदावरी नदी पर पोलावरम में बांध बनेगा। वर्ष 2004 में इसका काम शुरू हुआ। आंध्र से तेलंगाना अलग होने पर योजना को राष्ट्रीय परियोजना घोषित कर दिया गया। अब केंद्र सरकार इस क्रियान्वयन का संपूर्ण व्यय करेगी।

विधायकों ने कहा कि पोलावरम परियोजना पर कट आफ वाल या डायफ्राम बनाने का काम एक सप्ताह में शुरू हो जाएगा। अगले छह महीने में परियोजना का 30 प्रतिशत काम पूर्ण हो जाएगा। पोलावरम बांध से छत्तीसगढ़, ओड़िशा, तेलंगाना और सीमांध्र राज्य के लगभग 45 हजार आदिवासी और गैर आदिवासी परिवारों को विस्थापन का दंश झेलना पड़ेगा। छत्तीसगढ़ राज्य के अकेले सुकमा जिले के 17 गांव और 85 पारा टोला इन परियोजना के डूब में आएंगे।

उन्होंने कहा कि इस परिजयोजना से छत्तीसगढ़ की करीब आठ हजार हेक्टेयर भूमि, कोंटा तहसील के करीब 40 गांव, सात हजार हेक्टेयर खेतीहर भूमि पूरी तरह से डूब जाएगी। इससे बस्तर के सुकमा और ओड़िसा के मलकानगिरी जिले के 45 से अधिक गांव तथा करीब 50 हजार की आबादी को विस्थापन की मार झेलनी पड़ेगी।

(पीटीआई के हवाले से ख़बर)

TOPPOPULARRECENT