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पोलावरम बिल पार्लियामेंट में मंज़ूर, बाज़ अरकान के एतेराज़ात मुस्तर्द

पार्लियामेंट ने आंध्र प्रदेश में हमा मक़सदी पोलावरम आबपाशी प्रोजेक्ट के क़ियाम से मुताल्लिक़ एक बिल को मंज़ूरी दे दी और हुकूमत ने तीक़न दिया कि इस प्रोजेक्ट से मुतास्सिर होने वाले तमाम अफ़राद को मुतबादिल मुक़ाम की फ़राहमी और बाज़ आबाद

पार्लियामेंट ने आंध्र प्रदेश में हमा मक़सदी पोलावरम आबपाशी प्रोजेक्ट के क़ियाम से मुताल्लिक़ एक बिल को मंज़ूरी दे दी और हुकूमत ने तीक़न दिया कि इस प्रोजेक्ट से मुतास्सिर होने वाले तमाम अफ़राद को मुतबादिल मुक़ाम की फ़राहमी और बाज़ आबादकारी के लिए तमाम मुम्किना इक़दामात किए जाऐंगे।

आंध्र प्रदेश तंज़ीम जदीद (तरमीमी) बिल को लोक सभा में पिछ्ले हफ़्ते मंज़ूरी दी गई थी जिस को राज्य ने बेहस के बाद नदाई वोट से मंज़ूर करलिया।

कांग्रेस ने इन तरमीमात की मंज़ूरी की कामयाबी अपने सर लेने की कोशिश की। कांग्रेस के रुकन और साबिक़ मर्कज़ी वज़ीर जय राम रमेश ने कहा कि इस प्रोजेक्ट पर अमल आवरी आसानी नहीं है लेकिन इस पर पेशरफ़त के लिए उन्होंने मौजूदा हुकूमत की सताइश की और कहा कि इस से जमहूरी सियासत की झलक मिलती है।

इस प्रोजेक्ट पर अमल आवरी की सूरत-ए-हाल में तेलंगाना के ज़िला खम्मम के अलावा आंध्र प्रदेश के अज़ला मशरिक़ी गोदावरी और मग़रिबी गोदावरी के 50,000 ख़ानदानों के अलावा ओडीशा और छत्तीसगढ़ के 20,000 ख़ानदानों को जो बेघर या बे ज़मीन होंगे मुतबादिल मुक़ामात पर बाज़ आबाद करना होगा।

वज़ीर-ए-दाख़िला राज नाथ सिंह ने राज्य सभा में मसले पर बेहस का जवाब देते हुए एवान को इस बात का यक़ीन दिलाया कि बिल की पीशकशी-ओ-मंज़ूरी के दौरान हुकूमत ने किसी दस्तूरी ज़ाबता की ख़िलाफ़वरज़ी नहीं की है।

छत्तीसगढ़ और ओडीशा के चंद इलाक़ों को इंज़िमाम के बारे में अरकान की तशवीश को दूर करने की कोशिश के तौर पर उन्होंने कहा कि पोलावरम एक मर्कज़ी प्रोजेक्ट है और हुकूमत ही ( मुतास्सिरीन को) मुतबादिल जगह की फ़राहमी और बाज़ आबाद कारी पर ग़ौर करेगी।

जय राम रमेश ने बेहस का आग़ाज़ करते हुए कहा कि साबिक़ यू पी ए हुकूमत की तरफ़ से किया जाने वाला ये एक अहम वादा था जिस को मौजूदा हुकूमत ने जारी रखा।

एक मरहले पर जय राम रमेश ब्रहम होगए और शदीद एतेराज़ करते हुए कहा कि मुझे तेलंगाना से ताल्लुक़ रखने वाले अपने चंद रफ़क़ा की नसीहतों की ज़रूरत नहीं है।

ये फ़ैसला दुशवार कुन हालात में किया गया था। याद रखिए हैदराबाद का मसला तेलंगाना के लिए तेज़ाबी इमतिहान है और आंध्र प्रदेश के लिए पोलावरम एक जज़बाती मसला है।

तेलुगु देशम पार्टी के सी एम रमेश ने बिल की ताईद की और टी आर एस पर पोलावरम बिल की मुख़ालिफ़त के ज़रीये सियासी फ़ायदा उठाने की कोशिश का इल्ज़ाम आइद किया। कांग्रेस के पी गवर्धन रेड्डी ने भी बिल की मुख़ालिफ़त की। के चिरंजीवी और के वि पी रामचंद्र राव ने बिल की हिमायत की।

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