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प्याज़ की क़ीमत बदस्तूर बेक़ाबू, महंगाई की मार झेलने पर अवाम मजबूर

नई दिल्ली: एशीया की सबसे बड़ी प्याज़ मार्किट लासल गांव महाराष्ट्र में आज प्याज़ की होलसेल क़ीमत फ़ी किलो 57 रुपये तक पहुंच गई जिसके नतीजे में मुल्क के बेशतर मुक़ामात पर प्याज़ की चिल्लर फ़रोशी की क़ीमत में मज़ीद इज़ाफ़ा हो जाएगा और सारिफ़ीन को महंगाई की मार झेलनी पड़ेगी।

दार‍-उल‍-हु‍कूमत दिल्ली और मुल्क के दीगर मार्किटों में प्याज़ की चिल्लर फ़रोशी क़ीमत फ़ी किलो 80 तक हो गई है जोकि फ़सल के मियार पर मुनहसिर है। नेशनल हारटीकल्चर रिसर्च ऐंड डेवलपमेंट फ़ाउंडेशन के आदाद-ओ-शुमार के मुताबिक़ लासल गांव में आज प्याज़ की होलसेल फ़ी किलो 55 रुपये से 57 हो गई है।

सरकारी इत्तेलाआत में बताया गया है कि प्याज़ की फ़ी किलो चिल्लर फ़रोश क़ीमत क़ौमी दार-उल-हकूमत में 66 रुपये, मुंबई में 50 रुपये और चेन्नाई और कोलकता में 52 रुपये में फ़रोख़त की जा रही है। मर्कज़ी वज़ीर उमूर् सारिफ़ीन ने रियासती हुकूमतों को हिदायत दी है कि प्याज़ की ज़ख़ीराअंदोजी और ब्लैक मार्किटिंग के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाये लेकिन किसी भी संजीदा इक़दामात नहीं किए हैं।

जबकि माहिरीन का ख़्याल है कि ब्लैक मार्किटिंग और होर्डिंग की वजह से प्याज़ की क़ीमत में मुसलसल इज़ाफ़ा हो रहा है। वाज़िह रहे कि वाजपाई के दौर‍-ए‍-हुकूमत में भी प्याज़ की क़ीमत 100 रुपये किलो तक हो गई थी और अब दुबारा बी जे पी इक़्तेदार में आने के बाद उस की क़ीमत बेक़ाबू हो गई है जोकि ताजिरों की हमनवा पार्टी तसव्वुर की जाती है।

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