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प्रद्युम्न मर्डर केस में ट्रस्टियों पर कसा शिकंजा, कभी भी हो सकती है गिरफ़्तारी

नई दिल्ली : हाई प्रोफाइल गुरुग्राम के रेयान इंटरनेशनल स्कूल के सात वर्षीय छात्र प्रद्युम्न ठाकुर की हत्या मामले में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने बुधवार को स्कूल के ट्रस्टियों आगस्टाइन एफ पिंटो, ग्रेस पिंटो और रेयान पिंटो की गिरफ्तारी पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है. अदालत से राहत नहीं मिलने पर ट्रस्टियों पर कार्रवाई का बादल मंडराता जा रहा है. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि हरियाणा सरकार की पुलिस का इसपर रुख़ क्या होगा.

न्यायालय ने ट्रस्टियों को कोई राहत देने से इनकार करने के साथ-साथ हरियाणा सरकार को नोटिस जारी करते हुए इस मामले में जवाब मांगा है. इससे पहले बंबई उच्च न्यायालय ने स्कूल के ट्रस्टियों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी. प्रद्युम्न के परिजनों वकील ने कहा कि, ‘याचिका पर अगले सोमवार को सुनवाई होगी। कोर्ट ने कहा कि यह गंभीर मसला है और सभी पक्षों को सुने बिना फैसला नहीं लिया जा सकता है।’ दरअसल इससे पहले हाई कोर्ट के जज एबी चौधरी ने पिटों परिवार की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करने से इंकार कर दिया था। उनका कहना था कि वह पिंटो परिवार के जानने वाले हैं, ऐसे में वो इस मामले की सुनवाई नहीं करना चाहते। इसके बाद कोर्ट की नई बेंच ने आज इस मामले में सुनवाई की है। पिंटो परिवार को बॉम्बे हाई कोर्ट से भी राहत नहीं मिली।

गौरतलब है कि हरियाणा के गुरुग्राम के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में 8 सितंबर को 7 साल के बच्चे प्रद्युमन की हत्या कर दी गई थी. प्रद्युमन की बॉडी टॉयलेट में मिली थी. इस मामले में हरियाणा पुलिस ने स्कूल बस के कंडक्टर अशोक कुमार को गिरफ्तार कर लिया था. बता दें कि 8 महीने पहले ही आरोपी अशोक स्कूल में कंडक्टर की नौकरी पर लगा था.

अशोक ने बताया कि मेरी बुद्धि खराब हो गई थी. मैं स्कूल के बच्चों के टॉयलेट में था. वहां मैं गलत काम कर रहा था. तभी वह बच्चा आ गया. उसने मुझे गलत काम करते देख लिया. सबसे पहले तो मैंने उसे धक्का दिया. फिर अंदर खींच लिया. वह शोर मचाने लग गया, इससे मैं काफी डर गया. फिर मैंने बच्चे को दो बार चाकू से मारा और उसका गला रेत दिया.

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