Wednesday , September 20 2017
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प्रधानमंत्री मोदी ने आठ लाख करोड़ रुपये के बड़े घोटाले को छिपाने के लिए नोटबंदी की- केजरीवाल

जयपुर। दिल्ली के मुख्यमंत्री और AAP के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 लाख करोड़ रुपये के घोटाले को छिपाने के लिये नोटबंदी की है।
केजरीवाल ने जयपुर के रामलीला मैदान में एक जनसभा को सम्बोधित करते हुए दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मित्र और बड़े लोगों के ऋणों को माफ करने के लिये नोटबंदी का निर्णय लिया है. मोदी अब 8 लाख करोड़ रुपये के अन्य ऋण माफी के बारे में सोच रहे हैं।

उन्होंने दावा किया कि नरेंद्र मोदी सरकार ने शराब माफिया विजय माल्या का 1200 करोड़ रुपये का ऋण माफ किया गया और मोदी सरकार की ओर से मिली पनाह के कारण ही नाकाबंदी होने के बावजूद माल्या विदेश भागने में कामयाब हो गया। दिल्ली के मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने माल्या को विदेश भगाने के लिए रुपये का लेन देन किया है। जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, उस दौरान बिड़ला और सहारा पर आयकर विभाग के छापे डाले गये और भारी तादाद में धन मिला लेकिन जांच अभी भी लंबित है।

उन्होंने आरोप लगाया कि दस्तावेजों से पता चला है कि बिड़ला ने 25 करोड़ में से 12 करोड़ की रिश्वत दी है। वहीं सहारा ने 40 करोड़ की रिश्वत का भुगतान किया है। प्रधानमंत्री ने उद्योगपतियों को करोड़ों रुपये के ऋण माफ कर दिये हैं, जबकि देश के गरीब किसान और छोटे उद्योग चलाने वाले को कोई सहायता नहीं मिली है। वास्तव में नोटबंदी का उद्योगों पर विपरीत असर पड़ा है।

आप संयोजक ने सुझाव दिया कि यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कालाधन वापस लाने और भ्रष्टाचार को खत्म करना है तो उन्हें देश के उन 648 लोगों को गिरफ्तार करना चाहिए जिनके खाते स्विस बैंक में हैं। इन 648 लोगों में देश के बड़े उद्योगपति मुकेश अंबानी, अनिल अंबानी और नरेश गोयल शामिल हैं।

केजरीवाल ने कहा, ‘मैं यह सब रिकॉर्ड पर कह रहा हूं। मेरे खिलाफ 24 मामले दर्ज हैं लेकिन पिछले एक महीने से अधिक समय से एक भी मामला मेरे खिलाफ दर्ज नहीं हुआ है। इसका मतलब है कि मैं सच बोल रहा हूं।’ राजनीतिक पार्टियों को बंद हुए नोट लेने में दी गई छूट पर हमला बोलते हुए केजरीवाल ने कहा कि भाजपा और कांग्रेस को 70 से 80% तक जो पैसा मिलता है, वह नकद में मिलता है, जबकि आम आदमी पार्टी को नकदी केवल 8 प्रतिशत मिलती है।

राजनीतिक पार्टियों को लेखा परीक्षा में छूट क्यों मिलनी चाहिए। लोगों को नकदी रहित लेनदेन की अपील करने से पहले मोदी और उनके पार्टी के लोगों को नकदी रहित दान को मना करने के बारे में सीखना चाहिए।

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