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प्रधान मंत्री की दौड़ में शामिल नहीं : मोदी

चीफ़ मिनिस्टर गुजरात नरेंद्र मोदी ने दावा किया कि वो वज़ारत-ए-उज़्मा की दौड़ में शामिल नहीं हैं, उनकी सारी तवज्जा ( ध्यान) अपनी रियासत गुजरात पर मर्कूज़ ( केंद्रित) है। उन्होंने ये भी दावा किया कि उन्होंने यू पी ए चेयर पर्सन सोनीया गांधी

चीफ़ मिनिस्टर गुजरात नरेंद्र मोदी ने दावा किया कि वो वज़ारत-ए-उज़्मा की दौड़ में शामिल नहीं हैं, उनकी सारी तवज्जा ( ध्यान) अपनी रियासत गुजरात पर मर्कूज़ ( केंद्रित) है। उन्होंने ये भी दावा किया कि उन्होंने यू पी ए चेयर पर्सन सोनीया गांधी को उन के ईलाज और बैरून-ए-मुल्क अख़राजात ( विदेश में हुए खर्च) के बारे में निशाना नहीं बनाया है।

भारतीय जनता पार्टी के लीडर ने वज़ीर-ए-आज़म बनने की अपनी ख़ाहिश और आरज़ू के बारे में एहमीयत ना देने की कोशिश की और कहा कि मैं वज़ीर-ए-आज़म बनने से ज़्यादा अपनी रियासत ( राज्य) गुजरात पर तवज्जा ( ध्यान) देने को एहमीयत देता हूँ।

दिसम्बर के इंतिख़ाबात ( चुनाव) के बाद ही वो दिल्ली जाने का मंसूबा ( विकल्प) रखते हैं। ये ख़बरें सिर्फ़ मीडीया की क़ियास आराईयां हैं। उन्होंने इस से पहले बर्तानवी हुकूमत की जानिब से गुजरात के साथ अपने राबते को फ़रोग़ देने से मुताल्लिक़ फ़ैसले पर मोदी ने कहा कि गुजरात की एहमीयत से बर्तानिया वाक़िफ़ है लेकिन वज़ीर-ए-आज़म मनमोहन सिंह वाक़िफ़ नहीं।

मोदी ने मनमोहन सिंह पर तंज़ (ताना/ व्यंग) करते हुए कहा कि इन की हुकूमत हमारी रियासत की एहमीयत को नहीं समझती जबकि बर्तानिया समझ चुका है। अपनी रैली के दौरान उन्होंने गॉड इज़ ग्रेट का नारा बुलंद करते हुए कहा कि बर्तानिया ने 2002 गुजरात फ़सादाद ( दंगे) के बाद उन पर आइद करदा ( लगे हुए) 10 साला बाईकॉट को ख़त्म करने का फ़ैसला किया है और गुजरात को एहमीयत दी है।

हुकूमत बर्तानिया का फ़ैसला देर आयद ( आए) दुरुस्त आयद ( आए) के मुतरादिफ़ ( बराबर) है। मोदी ने ये रिमार्क अपनी यात्रा ( सफर) के इख़तताम ( समाप्ति/ खत्म) के दौरान किया। उन्होंने ज़ोर दे कर कहा कि बी जे पी गुजरात को हरगिज़ कांग्रेस के हवाले नहीं करेगी।

गुज़श्ता ( पिछले) दस साल के दौरान बर्तानिया ने गुजरात के साथ कोई ताल्लुक़ात ( सबंध) नहीं रखे थे , लेकिन आज उसे गुजरात की एहमीयत का एहसास हुआ है। आया दिल्ली में मनमोहन सिंह की हुकूमत इस एहमीयत को समझी है या नहीं। उन्होंने बर्तानवी वज़ारत दफ़्तार-ए-ख़ारजा के इस ब्यान पर रद्द-ए-अमल (प्रतिक्रिया) ज़ाहिर करते हुए देर आयद दरुस्त आयद के मुतरादिफ़ ( बराबर) में बर्तानवी हुकूमत के इस इक़दाम का ख़ौरमक़दम ( स्वागत) करता हूँ।

इसने गुजरात के साथ ताल्लुक़ात को मुस्तहकम ( मजबूत/ दृढ़) करने का ऐलान किया है। गाड इज़ ग्रेट । आज बर्तानवी हुकूमत ने जो कुछ एहमीयत दी है , ये 2003 में दस साल क़बल (पहले) ऐसा नहीं हुआ था। इस वक़्त बर्तानिया ने गुजरात के साथ सिफ़ारती ताल्लुक़ात ना रखने का फ़ैसला किया था ।

आज गुजरात के अंदर बर्तानिया की जानिब से सब से ज़्यादा सरमाया कारी ( निवेश) की जा रही है। उन्होंने कहा कि मैं किसी भी शख़्स को निशाना नहीं बनाता , में अपना ख़ुद मुहासिबा करता हूँ और अपनी रियासत ( राज्य) के लिए जो बेहतर हो सकता है , वो काम करने को एहमीयत देता हूँ। हमें गुज़श्ता ( पिछले) आठ साल के दौरान मर्कज़ ( केंद्र) से चंद शिकायतें हैं, इससे हट कर कुछ नहीं।

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