Thursday , August 17 2017
Home / Khaas Khabar / प्रियंका को अपना जानशीन बनाना चाहती थीं इंदिरा!

प्रियंका को अपना जानशीन बनाना चाहती थीं इंदिरा!

नई दिल्ली: साबिका वज़ीर ए आज़म इंदिरा गांधी के करीबी रहे एम.एल. फोतेदार ने दावा किया है कि इंदिरा राहुल को नहीं बल्कि प्रियंका गांधी को अपना सियासी जानशीन के तौर पर देखती थी. फोतेदार ने अपनी किताब में दावा किया है कि अक्टूबर 1984 में इंदिरा ने कश्मीर का दौरा किया था.

वह एक हिंदू और एक मुस्लिम मज़हबी मुकाम पर गई थीं. पोतेदार का कहना है कि उन्होंने हिंदू मंदिर में कुछ ऐसा देखा कि उन्हें लगने लगा कि उनकी ज़िंदगी खत्म होने वाली है. इंदिरा बहुत सोच में डूबी हुई थीं और उन्होंने कहा कि प्रियंका सियासत में कामयाब हो सकती है और लंबे दिनो तक पावर में रह सकती है.

पोतेदार ने बताया कि जो साइन इंदिरा ने मंदिर में देखा था और जिसका मतलब उन्होंने अपनी ज़िंदगी का आखिर निकाला वो था एक ‘सूखा पेड़. पोतेदार ने कहा कि उन्होंने भी इसका यही मतलब निकाला. पोतेदार के मुताबिक इंदिरा समझ गई थी कि मैंने भी यही नोटिस किया है और मैंने भी इसका यही मतलब निकाला है.

उन्होंने रेस्ट हाउस जाते हुए अपने मन की बात का खुलासा किया. पातेदार के मुताबिक उन्होंने राजीव गांधी के क़त्ल के बाद सोनिया को एक खत लिख कर उन्होंने प्रियंका को लेकर इंदिरा की सोच के बारे में बताया था.

अपनी किताब ‘चिनार लीव्स’ (चिनार की पत्तियां) में पोतेदार ने साबिक वज़ीर ए खारेज़ा नटवर सिंह के उस दावे का सपोर्ट करते नजर आते हैं जिसमें नटवर सिंह ने कहा था कि ‘ फिराक रूह यानी अंतर आत्मा की आवाज’ नहीं बल्कि ‘फैमिली प्रेशर’ की वजह से सोनिया गांधी ने 2004 में पीएम का ओहदाछोड़ दिया.

पोतेदार ने अपने किताब में और भी कई खुलासे किए हैं. ऐसे ही एक खुलासे में उन्होंने दावा किया है कि 1990 में जब वी.पी. सिंह की हुकूमत गिर गई तो उस वक्त के सदर ए जम्हूरिया आर.वेंकटरमन ने राजीव गांधी का पीएम के तौर पर एहतिजाज किया वो प्रणब मुखर्जी की ताईद में थे.

पोतेदार के मुताबिक राजीव प्रणब के एहतिजाज से हैरान थे.

TOPPOPULARRECENT