Wednesday , October 18 2017
Home / Crime / फायरिंग हलाकतों के ख़िलाफ़ बिहार में एक रोज़ा बंद

फायरिंग हलाकतों के ख़िलाफ़ बिहार में एक रोज़ा बंद

पटना, १६ अक्टूबर (एजेंसीज़) रियासत बिहार में गुज़श्ता हफ़्ता पुलिस फायरिंग में तीन अफ़राद ( लोगो) के हलाक होने के बाद अपोज़ीशन पार्टीयों ने बिहार बंद का ऐलान किया था।

पटना, १६ अक्टूबर (एजेंसीज़) रियासत बिहार में गुज़श्ता हफ़्ता पुलिस फायरिंग में तीन अफ़राद ( लोगो) के हलाक होने के बाद अपोज़ीशन पार्टीयों ने बिहार बंद का ऐलान किया था।

एक रोज़ा बंद के दौरान ट्रेन, सड़क ट्रैफ़िक मुकम्मल तौर पर बंद रही। अपोज़ीशन पार्टीयों के वर्कर्स ने ट्रेन की पटरियों पर धरना देते हुए ट्रेनों की आमद-ओ-रफ़्त ( आवागमन) को रोक दिया।

यही नहीं बल्कि मुख़्तलिफ़ ( अलग अलग) स्टेशनों को पहुंचने वाली ट्रेनों को भी वहीं रोक दिया गया। मधुबनी में फायरिंग के वाक़ियात में दर्जनों अफ़राद ज़ख़मी भी हो गए थे। ट्रक्स और बसों को भी नहीं चलाया गया। जिन पार्टीयों ने रियासत गीर बंद की ताईद की इनमें राष्ट्रीय जनता दल, लोक जन शक्ति पार्टी, कांग्रेस और नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी के इलावा सी पी आई, सी पी आई (एम) और सी पी आई (एम एल) ने भी बंद की ताईद ( समर्थन) की।

तवील मुसाफ़ती (ज़्यादा देर तक) ट्रेनों को रोक देने से मुसाफ़िरो को शदीद मुश्किलात का सामना करना पड़ा जबकि ट्रेनों का मुतबादिल ( अदल बदल) समझी जाने वाली बस रूट्स पर भी कोई बस मौजूद नहीं थी। पटना, गया, जहानाबाद और दरभंगा में तवील मुसाफ़ती ट्रेनों को ज़बरदस्ती रोक दिया गया।

हाजीपुर मैं ईस्ट सेंटर रेलवे ज़ोन के आफ़िसरान के मुताबिक़ कई स्टेशनों पर हज़ारों मुसाफ़िरो बेबसी के आलम में ट्रेनों का इंतेज़ार कर रहे हैं जबकि नालंदा, गया, जहानाबाद, दरभंगा, हाजीपुर, भागलपुर और सहरसा स्टेशनों पर ट्रेन ख़िदमात को मस्दूद (रोक देना ) कर दिया गया था।

TOPPOPULARRECENT