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फिरोज असलम पर सिमी को मजबूत करने की थी जवाबदेही

लोअर बाजार के कर्बला चौक इलाके से एनआइए के हत्थे चढ़े फिरोज असलम पर झारखंड में सिमी को मजबूत करने की जवाबदेही थी। वह मध्यप्रदेश के हार्डकोर सिम्मी कारकुनान अब्बू फजल उर्फ डॉक्टर के रब्ते में था। फिरोज को सनीचर को एनआइए ने गिरफ्त

लोअर बाजार के कर्बला चौक इलाके से एनआइए के हत्थे चढ़े फिरोज असलम पर झारखंड में सिमी को मजबूत करने की जवाबदेही थी। वह मध्यप्रदेश के हार्डकोर सिम्मी कारकुनान अब्बू फजल उर्फ डॉक्टर के रब्ते में था। फिरोज को सनीचर को एनआइए ने गिरफ्तार किया है। अभी वह तीन दिनों के रिमांड पर है।

फिरोज इलेक्ट्रॉनिक का मास्टरमाइंड बताया जाता है। उसके पास से बम में लगाए जानेवाले इलेक्ट्रॉनिक सर्किट भी मिला था। एनआइए उससे यह जानने की कोशशि कर रही है कि सिमी से झारखंड के कितने नौजवान जुड़े हैं।

अब्बू फजल कई बार रांची आया है और रांची में उसके छिपने के ठिकाने कहां थे। एनआइए उन घरों तक ले जाने के लिए फिरोज पर दबाव बना रही थी। अब्बू फजल का जमशेदपुर से भी ताल्लुक रहा है। वह जमशेदपुर में एक फ्लैट खरीद रहा था। मध्यप्रदेश में एक बैंक से दस करोड़ की डकैती करने और कई किलो सोना लूटने के बाद वह जमशेदपुर में रह रहा था, उसे मध्यप्रदेश के एसटीएफ की टीम पहले ही गिरफ्तार कर चुकी थी।

रांची में भी जेहादी तार

रांची में दो तरह के तंजीम काम कर रहे थे। एक तंजीम का सेंटर पॉइंट सीठियो गांव था तो दूसरा तंजीम की जवाबदेही फिरोज पर था। पटना और बोधगया में सीरियल धमाके के बाद इस पूरे मामले का खुलासा हुआ। एनआइए अब उन मुश्तबा के मोबाइल और सीम की तलाश कर रही है, जिसका इस्तेमाल राब्ता करने के लिए धमाके के दिन किया गया था। रांची में भी जेहादी तैयार करने की योजना थी, लेकिन वह मुमकिन नहीं हो पाया।

फिर भी 25 से 30 पढ़े-लिखे नौजवान सिम्मी से जुड़े हैं। बमों की तलाशहैदर और मुजबुल्ला ने एनआइए के सामने कई तरह के खुलासे किए हैं। इन दोनों ने यह कबूल किया है कि दहशत के कई सामान छिपा कर रखे गए हैं। एनआइए की टीम जंगलों में खाक छानकर टाइमर बम तलाशने की कोशशि कर रही है। 20 से 30 बम रांची में छिपा रखे होने की इत्तिला है। इसका इस्तेमाल दूसरे मुकाम पर धमाके के लिए किया जाना था।

अगला धमाका कहां होता, इस पर भी पूछताछ जारी है। एनआइए 12 जून के पहले सभी गुत्थी को सुलझाने में लगी है। मुश्तबा को कुछ रशि्तेदारों से भी पूछताछ की गई है, वहीं मुजबुल्ला का गांव ओरमांझी में है। वहां से कुछ लोगों को बुलाया गया था। एनआइए एक-दो दिनों में चकला गांव भी जा सकती है। यह जानने की कोशशि की जा रही है कि तंजीम से और कितने लोग जुड़े हैं और कहां के रहनेवाले हैं। एक लड़की से हो चुकी है पूछताछ एनआइए ने कूरियर का काम करनेवाली एक लड़की से पूछताछ कर चुकी है। वह मुश्तबा के इशारे पर काम करती थी। उसे जहां भेजा जाता था, वहां से पैसा लाकर मुश्तबा को देती थी। यह लड़की आला तालीम हासिल की है।

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