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फिल्म बनाते वक़्त सीरियाई शरणार्थी को मारा था ठोकर, मिली तीन साल की सज़ा

हंगरी की एक कैमरामैन को सीरियाई शरणार्थियों को लात मारने के आरोप में तीन साल की सजा सुनाई गई है। तीन साल पहले एन1टीवी की कैमरामैन को सर्बिया से लगे सीमा के पास सीरियाई शरणार्थियों को भागने के दौरान पैरों से ठोकर मारते दिखाया गया था। इस घटना का वीडियो के सामने आने के बाद इसकी वैश्विक स्तर पर काफी भ्रत्सना हुई थी।

हंगरी के दक्षिणी शहर स्जेगेड की एक अदालत ने इस वीडियो को आधार मानते हुए गुरुवार को कैमरामैन पेट्रा लैस्ज़लो को तीन साल की सजा सुनाई। इसके बाद पेट्रा ने अपने बचाव में बोलते हुए कहा कि वो आगे इसकी अपील करेंगी।

उन्होंने कहा कि यह सब सिर्फ दो सेकंड के भीतर हुआ था। उसके बाद उन्होंने कहा कि वह डर गईं थी और उन्होंने ऐसा केवल अपने बचाव करने के लिए किया था। उन्होंने कहा कि वहां हर कोई चिल्ला रहा था, यह बहुत ही भयावह था। दरअसल, यह मामला सितंबर 2015 में सामने आया था। तब यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था।

अदालत इस पर फैसला सुनाने से पहले इस वीडियो को फ्रेम-बाय-फ्रम देखा, जिसमें उसमें पाया की जानबूझकर पेट्रा एक के बाद एक दो लोगों को लात मारती हैं। वीडियो में यह साफ देखा जा सकता है कि कैसे पेट्रा पहले एक छोटी बच्ची को लात मारकर गिराने की कोशिश करती हैं। उसके बाद वो एक 52 वर्षीय सीरियाई बुजूर्ग को ठोकर मारती हैं जिसके बाद वो बुजूर्ग अपने बच्चे समेत जमीन पर गिर जाता है।

न्यायाधीश इल्लेस नानसी ने कहा कि पेट्रा लैस्ज़लो के व्यवहार को सामाजिक मानदंडों के विरूध है। यह अमानवीय है। यह वीडियो उनके आत्मरक्षा के दावे को ग़लत साबित करता है।

गौरतलब है कि शरणार्थी संकट की वजह से यूरोप में राजनीतिक तनाव पैदा हो गया है। हालांकि पिछले दिनों इसकी संख्या में लगभग दो-तिहाई की गिरावट आई है। इंटरनेशनल आर्गेनाइजेशन फॉर माइग्रेशन के मुताबित, साल 2015 की तुलना में साल 2016 में लगभग 364,000 लोगों को काम की तलाश या शरणार्थी संरक्षण के लिए भूमध्य सागर के पार जाना पड़ा।

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