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फेसबुक और फोन की वजह से सबसे ज्यादा मुसीबत में ख्वातीन

पटना : एक तरफ तकनीकों का इस्तेमाल कर लोग मुल्क व दुनिया से पल-पल जुड़ रहे हैं, वहीं, दूसरी तरफ तशद्दुद की वारदात भी उतनी ही तेजी से हो रही हैं। इसका सबसे ज्यादा असर ख्वातीन पर पड़ रहा है। ख्वातीन भी मोबाइल व इंटरनेट के इस्तेमाल से मुल्क व दुनिया से जुड़ रही हैं, तो दूसरी तरफ तशद्दुद की भी शिकार हो रही हैं। खातून हेल्पलाइन में इस साल नवंबर तक कुल 3382 मामले दर्ज किये गये हैं।

इनमें 2,875 मामले साइबर क्राइम के हैं, जो फोन से दर्ज किये गये हैं। इन मामलों में फेसबुक पर गलत मैसेज करने, किसी और के नाम से एकाउंट बनाने, एमएमएस बनाने और फोन पर फहस मैसेज भेजने व बातें करने से मुताल्लिक हैं। महज़ 507 मामले ही तहरीरी दरख्वास्त दर्ज किये गये हैं।

साइबर क्राइम के बाद दूसरे नंबर में घरेलू तशद्दुद के मामले हैं। तहरीरी दरख्वास्त देकर दर्ज कुल 507 मामलों में सबसे ज्यादा 295 मामले घरेलू तशद्दुद के हैं। इसके बाद दहेज से मुताल्लिक 87 मामले और सेकेंड मैरेज के 21 मामले दर्ज किये गये हैं। 104 मामले जमीन से मुताल्लिक व दीगर तनाजे के हैं।

इंटरनेट के बढ़ते इस्तेमाल ने साइबर क्राइम को भी तेजी से बढ़ा दिया है। रोजाना दो से तीन शिकायतें ख्वातीन फोन पर ही दर्ज करा रही हैं। ऐसे में ख्वातीन इसके इस्तेमाल के लिए भी अलर्ट रहना होगा।
प्रमिला कुमारी, प्रोजेक्ट मैनेजर, खातून हेल्पलाइन

साइबर क्राइम में सजा
आइटी एक्ट की दफा 66 सी के तहत शिनाख्त को गलत बताने पर तीन साल की सजा।
66 ए के तहत गलत मैसेज या काॅल करने पर तीन साल की सजा।
आइपीसी की दफा 429 के तहत गलत शिनाख्त बता कर धोखा करने पर दो साल की सजा।
दफा 420 के तहत धोखाधड़ी के इल्ज़ाम में सात साल की सजा की तजवीज है।

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