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बगदाद में एमरजेंसी लागू, पार्लियामेंट के बाहर प्रदर्शनकारियों का डेरा

बगदाद : इराक की राजधानी बगदाद के ग्रीन जोन में हजारों मुक़तदा सद्र के समर्थक शिया प्रदर्शनकारियों ने संसद की इमारत पर धावा बोलने के बाद अभी भी इमारत के बाहर डेरा डाले हुए है। यह ग्रीन जोन बगदाद का वह क्षेत्र है जहां कड़े सुरक्षा में दुनिया के दूतावास, महत्वपूर्ण कार्यालय और इमारतैं स्थित हैं। सरकार की ओर से आपात स्थिति लागू भी कर दिया गया है और प्रधानमंत्री हैदर अल इबादी  का कहना है कि शहर में स्थिति नियंत्रण में है।लेकिन पिछले दिनों जब प्रदर्शनकारियों संसद की इमारत में प्रवेश किया था तब से स्थिति ज्यों की त्यों है और इस क्षेत्र में कट्टरपंथी शिया नेता मुक़तदा अस्स्दर के समर्थकों का हंगामा जारी है।

बीबीसी उर्दू के मुताबिक सुरक्षा अधिकारियों की ओर से काबू पाने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया और फायरिंग भी हुई लेकिन हिंसा की कोई बड़ी घटना नहीं हुई।ख़बररसां संस्थाओं के अनुसार मुक़तदा अस्सदर की मलेशिया के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन की व्यवस्था संभाले हुए हैं।गौरतलब है कि एक परियोजना के तहत मुक़तदा सद्र प्रधानमंत्री हैदर अल इबादी पर कैबिनेट के कई मंत्रियों को बदलकर उनकी जगह नए मंत्री नियुक्त करने का दबाव डाल रहे हैं।लेकिन संसद की कई पार्टियां इन परिवर्तनों की मंजूरी के खिलाफ हैं और कई हफ्तों से यह मामला गतिरोध का शिकार है।इस राजनीतिक गतिरोध के खिलाफ इस सप्ताह के शुरू में हजारों लोगों ने बगदाद के ग्रीन जोन इलाके में विरोध प्रदर्शन भी किया था।मुक़तदा अस्सदर के समर्थकों का मानना है कि टेक्नोक्रेट की नई सरकार मौजूदा  कैबिनेट से कम भ्रष्ट होगा, जो राजनीतिक दलों और धार्मिक वफादारी के आधार पर स्थापित है।दूसरी ओर प्रधानमंत्री हैदर अल इबाद ने प्रदर्शनकारियों ने विरोध के लिए आवंटित क्षेत्रों में चले जाने की मांग की है।

हैदर अल इबाद ने 2014 में सत्ता संभालने के बाद कहा था कि वह देश से भ्रष्टाचार और सांप्रदायिक तनाव को खत्म कर देंगे लेकिन अब तक वह इसमें नाकाम साबित हुए हैं।मुक़तदा सद्र इराक में मेहदी आर्मी नामक मलेशिया के प्रमुख हैं जिन्होंने देश में अमेरिका के खिलाफ जबरदस्त अभियान शुरू कर रखी थी।वर्ष 2006 ता 2007 में उनकी सैन्य संगठन पर हजारों सुन्नियों पर हिंसा करके हत्या करने का भी आरोप है। इस दौरान वह ईरान भाग गए थे।वह 2011 में ईरान से फिर इराक वापस आ गए थे और इराकियों को शांति के लिए एकजुट होने की अपील की थी।

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