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बगेर ओप्रेशन के ज़चगी का आसान ईलाज

जब भी ज़चगी का वक़्त आ जाए तो हामिला पर सूरा फ़ातिहा, आयत‌ उल-कुर्सी, आयत ५४ सूरा आराफ़ यानी (’)ان ربکم اللہ الذی خلق السموت والارض فی ستۃ ایام ثم استوی علی العرش یغشی اللیل والنھار یطلبہ حثیثا والشمس والقمر والنجوم مسخرات بامرہ الالہ الخلق والامر تبارک اللہ رب العالمین o‘‘। सूरा फ़लक़, सूरा न

जब भी ज़चगी का वक़्त आ जाए तो हामिला पर सूरा फ़ातिहा, आयत‌ उल-कुर्सी, आयत ५४ सूरा आराफ़ यानी (’)ان ربکم اللہ الذی خلق السموت والارض فی ستۃ ایام ثم استوی علی العرش یغشی اللیل والنھار یطلبہ حثیثا والشمس والقمر والنجوم مسخرات بامرہ الالہ الخلق والامر تبارک اللہ رب العالمین o‘‘। सूरा फ़लक़, सूरा नास, सब एक एक बार पढ़ कर दम कर दी जीए।

इस के इलावा सूरा वन्नाजीआत और ये आयत-ए-करीमा
(’’))قل من یرزقکم من السمآء والارض امن یملک السمع والابصار ومن یخرج الحی من المیت ویخرج المیت من الحی ومن یدبرالامر ط فسیقولون اللہ ج افلا تتقون o‘
एक एक बार लिख कर हामिला के दाहिने (सीधे) बाज़ू पर बांध दी जिए। इंशाअल्लाह ताला बगेर ओप्रेशन के ज़चगी हो जाएगी।

इस अमल से हामिला को फोरी दरदजह‌ शुरू होगा। बच्चा पैदा होते ही सूरा अल्हाक्का एक बार पढ़ कर पानी पर दम करके चालीस रोज़ तक पिलाते रहे, इंशाअल्लाह ताली नोमोलूद हर तरह की बीमारी से महफ़ूज़ रहेगा।

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