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बजट मायूस कुन , अक़लियतों के साथ धोका

क़ानूनसाज़ कौंसल में तेलगुदेशम पार्टी के डिप्टी लीडर जनाब इबराहीम बिन अबदुल्लाह मसक़ती ने अक़लियती बहबूद के बजट को मायूस कुन क़रार दिया। हुकूमत की जानिब से साल बराए 2012-13 अक़लियती बहबूद के लिए 489 करोड़ की मंज़ूरी पर तबसरा करते हुए

क़ानूनसाज़ कौंसल में तेलगुदेशम पार्टी के डिप्टी लीडर जनाब इबराहीम बिन अबदुल्लाह मसक़ती ने अक़लियती बहबूद के बजट को मायूस कुन क़रार दिया। हुकूमत की जानिब से साल बराए 2012-13 अक़लियती बहबूद के लिए 489 करोड़ की मंज़ूरी पर तबसरा करते हुए जनाब इबराहीम मसक़ती ने कहा कि हुकूमत ने 62 फ़ीसद बजट में इज़ाफ़ा का दावे किया है हालाँ कि ये इज़ाफ़ा महज़ दिखावा है , अक़लियती बजट में इज़ाफ़ा के नाम पर हुकूमत अक़लियतों को धोका दे रही है ।

उन्हों ने कहा कि बजट में तालीमी फ़ीस की अदायगी के लिए 220 करोड़ और स्कालर शिपस के लिए 96 करोड़ मुख़तस किए गए हैं । इस तरह जुमला 316 करोड़ सिर्फ़ तालीमी सरगर्मीयों पर ख़र्च होंगे । अक़लियती बहबूद के लिए सिर्फ 173 करोड़ रुपये बच जाते हैं । इस तरह अक़लियती बहबूद का हक़ीक़ी माअनों में बजट सिर्फ 173 करोड़ हैं ।

उन्हों ने कहा कि अक़लियती तलबा की तालीमी फ़ीस और स्कालरशिप के मुआमला को बजट का हिस्सा ना बनाया जाय क्योंकि पसमांदा तबक़ात और दर्ज फ़हरिस्त अक़्वाम-ओ-क़बाइल को भी ये सहूलतें हासिल है । उन्हों ने कहा कि अक़लियतों की मआशी तरक़्क़ी के लिए हुकूमत के पास कोई ठोस इसकीमात नहीं है ।73 करोड़ में अक़लियतों की भलाई कैसे मुम्किन है ।

आम तौर पर ये देखा गया है कि मालीयाती साल के इख़तताम तक भी हुकूमत मुकम्मल बजट जारी नहीं करती।उन्हों ने कहा कि ग़रीब अक़लियतों को घरेलों सनअतों के क़ियाम में हौसलाअफ़्ज़ाई के लिए चंद्रा बाबू नायडू दौरा हुकूमत में बाअज़ इसकीमात शुरू की गई थी लेकिन कांग्रेस ने बरसर-ए-इक्तदार आने के बाद इन इसकीमात को ख़तन करदिया। जनाब इबराहीम मसक़ती ने कहा कि तालीमी बजट को छोड़कर हुकूमत को चाहीए था कि वो अक़लियती बहबूद के लिए कम से कम 600 करोड़ रुपये मुख़तस करती ।

उन्हों ने आइन्दा मालीयाती साल अक़लियती बजट को 800 ता 1000 करोड़ करने का मुतालिबा किया और कहा कि अक़लियतों को आबादी के तनासुब से बजट में हिस्सा मिलना चाहीए । उन्हों ने अक़लियती बहबूद की इसकीमात पर मोअस्सिर अमल आवरी को यक़ीनी बनाने का मुतालिबा किया ।

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