Thursday , October 19 2017
Home / Hyderabad News / बजट में इज़ाफे से अक़लियतों की तरक़्क़ी मुम्किन नहीं

बजट में इज़ाफे से अक़लियतों की तरक़्क़ी मुम्किन नहीं

हैदराबाद15 मई: रियास्ती क़ानूनसाज़ असम्बली और कौंसल की स्टैंडिंग कमेटी की मीटिंग आज असम्बली के कमेटी हाल में मुनाक़िद हुआ जिस में अक़लियती बहबूद के बजट बराए मालीयाती साल 2013-14 और मुख़्तलिफ़ फ़लाही सकीमात पर अमल आवरी का जायज़ा लिया गया।

हैदराबाद15 मई: रियास्ती क़ानूनसाज़ असम्बली और कौंसल की स्टैंडिंग कमेटी की मीटिंग आज असम्बली के कमेटी हाल में मुनाक़िद हुआ जिस में अक़लियती बहबूद के बजट बराए मालीयाती साल 2013-14 और मुख़्तलिफ़ फ़लाही सकीमात पर अमल आवरी का जायज़ा लिया गया।

मीटिंग में सयासी वाबस्तगी अरकान ने अक़लियती बहबूद की सकीमात पर मूसिर अमल आवरी की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। अरकान ने कहा कि सिर्फ़ बजट में इज़ाफे से अक़लियतों की तरक़्क़ी मुम्किन नहीं है बल्के हुकूमत को चाहीए कि वो सकीमात पर मूसिर अमल आवरी को यक़ीनी बनाए।

अरकान ने शिकायत की के अक़लियती इदारों की तराफ से अक़लियती सकीमात की बेहतर तशहीर ना किए जाने के सबब अवाम सकीमात और उनके फ़वाइदे से नावाक़िफ़ हैं जिस के बाइस पिछ्ले चंद बरसों से अक़लियती बहबूद का बजट मुकम्मल ख़र्च नहीं हो पा रहा है।

अरकान की शिकायत है कि अक़लियती फाइनैंस कारपोरेशन और अक़लियती बहबूद के अज़ला में मौजूद ओहदेदार अपने फ़राइज़ की अंजाम दही में सुसती कररहे हैं जिस के बाइस अज़ला में अक़लियती बहबूद की सकीमात पर बेहतर अंदाज़ में अमल नहीं हो पा रहा है।

कांग्रेस और तेलुगूदेशम के अरकान ने सकीमात की बेहतर तशहीर का मश्वरा देते हुए फ़लाही सकीमात के बजट में इज़ाफे की तजावीज़ भी पेश की।

उन्होंने कहा कि बजट के बेहतर अंदाज़ में ख़र्च को यक़ीनी बनाने के लिए ज़रूरी है कि अक़लियतों में सकीमात के बारे में शऊर बेदार किया जाये।

फ़ारूक़ हुसैन ने बताया कि फाइनैंस कारपोरेशन के तहत ग़रीब मुस्लिम लड़कीयों की इजतिमाई शादीयों की स्कीम मौजूद है लेकिन उसकी मुनासिब तशहीर नहीं की गई।

उन्होंने इस स्कीम के तहत 112 शादियां अंजाम दी जबके दुसरे बड़े अज़ला में इस स्कीम के तहत एक भी शादी नहीं की गई। उन्होंने इस स्कीम के बजट में एक करोड़ के बजाये 5 करोड़ के इज़ाफे का ख़ौर मक़दम किया ताहम तजवीज़ पेश की के फ़ी शादी 25 हज़ार के बजाये 50 हज़ार रुपये फिक्स किए जाएं।

उन्होंने कहा कि अक़लियती बहबूद के ज़िलई ओहदेदार और मालीयाती कारपोरेशन के एग्जीक्यूटिव ऑफीसरस अपने फ़राइज़ की अंजाम दही में नाकाम हैं।

फ़ारूक़ हुसैन ने तजवीज़ पेश की के हुकूमत शहरी और देही इलाक़ों में मुस्लिम क़ब्रिस्तानों के लिए सरकारी ज़मीं अलॉट करे। इस के अलावा मौजूदा क़ब्रिस्तानों और मसाजिद की हिसारबंदी के लिए फ़ंडज़ फिक्स किए जाएं।

उन्होंने मालीयाती कारपोरेशन की तत्काल स्कीम के तहत ग़रीब ख़ानदानों को बगै़र किसी ज़मानत के 25 हज़ार रुपये जारी करने की तजवीज़ पेश की ताके वो फ़ौरी तौर पर छोटे कारोबार शुरू करसकें।

TOPPOPULARRECENT